फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी उपचुनाव: सपा ने खेला पीडीए कार्ड, सामान्य जाति से दूरी, परिवार को छोड़कर किसी यादव को टिकट नहीं

Fri, 25 Oct 2024 10:28 AM IST
रोहित मिश्र अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ

सार

UP by-election:  यूपी के उपचुनावों ने सपा ने खुलकर पीडीए कार्ड चला है। खास बात यह रही करहल सीट में तेज प्रताप यादव के अलावा किसी और यादव प्रत्याशी को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। 
 
विज्ञापन
सपा ने चला पीडीए कार्ड। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उपचुनाव में प्रत्याशियों के नाम के सारे पत्ते खोलने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया कि पीडीए का नारा महज नारा ही नहीं बल्कि हकीकत है। सपा ने नौ में से पांच टिकट दलित और पिछड़ी जातियों से दिए हैं जबकि चार मुस्लिमों पर दांव लगाया है। इसके अलावा आधी से ज्यादा यानी पांच सीटें महिलाओं को देकर आधी आबादी को तरजीह दी है। सपा ने टिकट बांटने के मामले में सामान्य जाति को तरजीह नहीं दी है। 

विज्ञापन


बुधवार तक सपा ने छह सीटों पर नामों की घोषणा कर दी थी। बृहस्पतिवार को बची हुई तीन सीटों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खैर से डॉ. चारू कैन, गाजियाबाद से श्री सिंह राज जाटव और कुंदरकी से मोहम्मद रिजवान को टिकट दे दिया। पार्टी ने अभी मोहम्मद रिजवान के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन सपा द्वारा जारी फार्मेट सी-7 में मोहम्मद रिजवान को अपना प्रत्याशी बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार फार्मेट सी-7 में प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास का ब्योरा दिया जाता है।

इससे पहले करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुजतबा सिद्दीकी, कटहरी से शोभावती वर्मा, मझंवा से डॉ. ज्योति बिंद और मीरापुर से सुम्बुल राणा के नामों का एलान हो चुका है। इसी के साथ सभी नौ सीटों पर सपा के सभी प्रत्याशियों सामने आ गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चला पीडीए कार्ड 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
नामों की घोषणा के साथ साफ हो गया कि समाजवादी पार्टी ने उपचुनाव में खुलकर पीडीए कार्ड चला है। यहां तक कि सामान्य सीट गाजियाबाद से भी जाटव प्रत्याशी के रूप में श्री सिंह राज जाटव को उतार दिया। वहीं एक बिंद, एक कुर्मी, दो जाटव और एक यादव को साइकिल चुनाव चिह्न देकर पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश की गई है। वहीं चार मुसलमानों को मैदान में उतार कर पार्टी में उनकी अहमियत का साफ संदेश भी दे दिया है। प्रत्याशियों में एक भी सामान्य जाति से नहीं है जबकि गाजियाबाद की सामान्य सीट पर नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें