अलग-अलग पार्टियों ने दिए नारे
इसके बाद से लगभग हर दिन अलग-अलग पार्टियां अलग-अलग पोस्टर लगा रही हैं। इसमें कई तरह के नारे लिखकर एक-दूसरे को घेरा जा रहा है। 'कटेंगे तो बटेंगे' के बयान पर सपा ने जुड़ेंगे तो जीतेंगे' का नारा दिया है। वहीं बसपा ने नारा दिया कि 'बसपा से जुड़ेंगे तो आगे बढ़ेंगे और सुरक्षित रहेंगे'।
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सपा ने लिखा- 'अखिलेश का फियर है, भाजपा का अंत नियर है'
इससे पहले मंगलवार को सुबह ही अमेठी में समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह ने अंबेडकर तिराहे पर यह पोस्टर लगाया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 27 का सत्ताधीश बताया। पोस्टर में लिखा है कि 'अखिलेश का फियर है, भाजपा का अंत नियर है'। इसके अलावा 'जितना चुनाव टालोगे, उतना बुरा हारोगे' के नारे को देहराया गया है।
इसी तरह के पोस्टर कांग्रेस कार्यालय के बाहर लखनऊ में लगाए गए हैं। इसके माध्यम से भाजपा पर निशाना साधा गया है। इन पोस्टर पर संदेश लिखा हुआ है कि अगर तुम हमको 'बांटोगे' तो 'हम तुमको उखाड़ फेकेंगे'।
इस पोस्टर में भाजपा का प्रतीक चिह्न कमल का निशान बनाया गया है। जिसमें भाजपा को धार्मिक उन्माद फैलाने वाली, झूठ और जुमले देने वाली, भ्रष्टाचार करने वाली, महिला उत्पीड़न को न रोक पाने वाली, बेरोजगारी बढ़ाने वाली और बुलडोजर राज देने वाली सरकार के रूप में दिखाया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता आर्यन मिश्रा के लगाए गए पोस्टर में संदेश दिया गया है कि बटोगे तो कटोगे का नारा देने वालों के मंसूबे तोड़ेंगे। हम इंडिया गठबंधन के सिपाही यूपी में मोहब्बत की दुकान खोलेंगे।