स्नातक छात्र के नाम फर्जी फर्म बनाकर 125 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया गया। जीएसटी विभाग के अधिकारी टैक्स वसूलने पहुंचे तो छात्र को अपने साथ हुए फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। छात्र ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित छात्र की शिकायत पर न्यायालय ने चोरी करने वाली दो फर्मों के साथ चार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के मनीरामपुर गांव निवासी क्षितिज मिश्रा के मुताबिक वह बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उनके नाम फर्जी फर्म व जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर तीन बार में ई-बिल के सहारे लगभग 125 करोड़ का कारोबार किया गया।
ये भी पढ़ें - UP: कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी भोला जायसवाल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया, सिंगापुर भागने की तैयारी में था
ये भी पढ़ें - पूर्व सांसद बृजभूषण बोले- छह महीने पहले जनता खोलेगी पत्ता, हम कहां से चुनाव लड़ेंगे... नहीं बताएंगे
इस दौरान 17 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया हो गया। टैक्स वसूली के लिए पांच सितंबर 2025 को जीएसटी के अधिकारी घर पहुंचे तो उन्हें अपने साथ हुए ठगी होने की जानकारी हुई। पीड़ित ने मामले की शिकायत स्थानीय ऊंचाहार कोतवाली के अलावा पुलिस अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय ने फर्जीवाड़ा करने वाले राज्य जीएसटी अधिकारी रायबरेली, केंद्रीय माल एवं सेवाकर अधिकारी रायबरेली, पांडेय इंटरप्राइजेज रविदासनगर, जीएसटी सत्यापितकर्ता अधिकारी गोपाल पांडेय व नोएडा की दो अज्ञात कंपनी के खिलाफ ऊंचाहार पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने और विवेचना करके मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उधर, ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी अजय कुमार राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई है। मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।