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यूपी का बजट: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये देगी सरकार, बनेंगे रोजगार के मौके

Thu, 20 Feb 2025 12:15 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Budget Live : योगी सरकार के बजट में युवाओं पर खास फोकस किया गया है।  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के लिए 1000 करोड़ स्वीकृत होने से युवाओं के लिए नौकरी के अवसर बनेंगे। 
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यूपी बजट की दस बड़ी बातें - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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विधान सभा में आज उत्तर प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2025-2026 का बजट पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में उद्योगों, श्रमिकों, शिक्षा पर खास फोकस किया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए कई बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। एमएसएमई सेक्टर महत्वपूर्ण रोजगारपरक सेक्टर है। इस प्रकार इन उद्यमों के विकास से प्रदेश का समावेशी विकास होता है। रोजगार सृजन की भी  सम्भावनाएं उत्पन्न होती हैं।  इसलिए प्रदेश के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024-2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया गया है। योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जबकि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयों की संख्या तथा 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।

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शिक्षा क्षेत्र के लिए ये घोषणा

वित्त मंत्री ने बजट में कहा कि सरकार आठ लाख आठ हजार 736 करोड़ स्मार्ट क्लासेज की स्थापना पर कार्य करेगी। अभी प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा स्मार्ट क्लासेज की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है। सरकार इस पहल को और आगे बढ़ाएगी।
- राजकीय पॉलीटेक्निकों में स्मार्ट क्लासेज तथा पूर्णतया डिजिटल लाईब्रेरी की स्थापना की योजना प्रस्तावित की गई है।
- आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना प्रस्तावित की गई है।
- प्रदेश में साईंस सिटी, विज्ञान पार्कों और नक्षत्रशालाओं की स्थापना एवं नवीनीकरण की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
- नगर निगमों के अलावा प्रदेश के जनपद मुख्यालय के 58 नगर निकायों को आदर्श स्मार्ट नगर निकाय के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के कनवर्जेन्स के माध्यम से कार्य कराया जाएगा। इसके लिए प्रति नगर निकाय के लिए 2.50 करोड़ रुपये इस प्रकार कुल 145 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के लिए सरकार की योजना

वित्त मंत्री ने कहा कि हथकरघा उद्योग कृषि क्षेत्र के बाद उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला विकेंद्रीयकृत कुटीर उद्योग है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख हथकरघा बुनकर एवं लगभग 80 हजार हाउस होल्ड हैं। प्रदेश में 2.58 लाख पावरलूम कार्यरत हैं, जिसके माध्यम से लगभग 5.50 लाख पावरलूम बुनकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं। इसलिए सरकार इन उद्योगों के लिए भी योजना लाई है। इसके तहत पीएम मित्र योजना के तहत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था। इसके साथ ही साथ उत्तर प्रदेश वस्त्र गारमेन्टिंग पालिसी, 2022 के क्रियान्वयन के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। अटल बिहारी बाजपेई पॉवरलूम विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। 
 
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श्रमिक कल्याण के लिए सरकार की योजना

वित्त मंत्री ने कहा कि मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत माह सितंबर, 2024 तक 6,22.974 लाभार्थी हैं। निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के अन्तर्गत माह सितंबर, 2024 तक 41,453 लाभार्थी हैं। कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक के 2 बालिकाओं के स्वजातीय विवाह की स्थिति में 55,000 रुपये तथा अंतरजातीय विवाह की स्थिति में 61,000 रुपये की रकम देने का प्रावधान है। निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में कराने पर इलाज के व्यय की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना/मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से आच्छादित कराने की कार्यवाही की जा रही है। आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित है, जिनमें प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालक एवं बालिकाओं को प्रदेशित करने का प्रावधान है। निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण एवं उद्देश्यपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रदेश के प्रत्येक मंडल में 360 बच्चों की क्षमता वाला एक-एक अटल आवासीय विद्यालय स्थापित है। इन विद्यालयों की क्षमता भविष्य में बढ़ाकर 1000 प्रति विद्यालय किया जाएगा।

 
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