प्रदेश स्तर पर एक खेल विश्वविद्यालय का निर्माण जनपद मेरठ में किया जा रहा है जिसके लिये कुल 223 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। जनपद वाराणसी में पी०पी०पी० मॉडल पर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकट स्टेडियम का निर्माण तथा खेलो इण्डिया के अन्तर्गत वाराणसी के सिगरा स्टेडियम का व्यापक विकास कराया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार भारत सरकार के सहयोग से "एक जनपद एक खेल" योजनान्तर्गत 72 जनपदों में खेलो इण्डिया सेन्टर संचालित किये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में शेष 03 जनपदों में प्रशिक्षण के चयन आदि की कार्यवाही प्रस्तावित है।
वन एवं पर्यावरण के लिए किया गया एलान
वर्तमान में प्रदेश में वृक्षाच्छादन प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र का 9.96 प्रतिशत हो गया है। उत्तर प्रदेश वनावरण व वृक्षाच्छादन में वृद्धि के मामले में पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। वर्ष 2021-2022 से वर्ष 2024-2025 तक प्रदेश में कुल 138.98 करोड़ पौधों का रोपण किया गया।
वर्षाकाल-2025 में वृक्षारोपण हेतु 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है। प्रदेश में वर्ष 2018 में बाघों की संख्या 173 से वर्ष 2022 में बढ़कर 205 हो गयी है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या दुगुनी होने के क्रम में उक्त टाइगर रिजर्व को टीएक्स 2 अवार्ड से सम्मानित किया गया है। जनपद गोरखपुर में कैम्पियर रेंज के अन्तर्गत "रेड हेडेड गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केन्द्र" देश का पहला गिद्ध प्रजनन केन्द्र स्थापित किया गया है। जनपद गोरखपुर में उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिक विश्वविद्यालय की स्थापना किये जाने की नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके लिये लगभग 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को देय पेंशन के भुगतान हेतु 2980 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत 700 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर, झाँसी एवं आगरा में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की नई योजना प्रस्तावित की गई है जिसके 170 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
कोविड के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया है उनकी देखभाल और वित्तीय सहायता हेतु संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिये 252 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले पोषाहार के लिये लगभग 4119 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय के भुगतान हेतु 971 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।