उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को योगी सरकार का चौथा बजट पेश किया गया। योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 5 लाख 12 हजार 967 करोड़ का यह बजट पेश किया। इस बार का बजट उत्तर प्रदेश के इतिहास का अबतक का सबसे बड़ा बजट है। बजट पेश होने के बाद से ही इसपर तमाम राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के चौथे बजट पर किसने क्या कहा-
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक बजट है। इस बजट में युवा, किसान, महिला, स्वास्थ्य, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कानून व्यवस्था समेत सभी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को समाहित किया गया है।
सपा नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि ये बजट गरीब विरोधी, किसान, मजलूम, नौजवान और महिला विरोधी है। वित्त मंत्री ने शेरो शायरी कही, इनका बजट पुराने बोतल में नया पानी रखा है। केवल अनुमान पर आधारित बजट है, ये बजट दिशाहीन है। जितने गोवंश स्लॉटर हाउस में नहीं कटे, उससे ज्यादा इस सरकार में गायों की मृत्यु हुई।
कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने कहा कि इस बजट में अभिभाषण के सिवा कुछ नहीं है। इस बजट में सिर्फ किताबी दावे हैं। इसमे सिर्फ आयोजन की बात कही गई है। आईपीसी की धाराओं का जिक्र बजट में किया गया है। रोजगार के नाम पर सरकार ने कुछ नहीं दिया है। सरकार ने सिर्फ योजनाओं के नाम बदलकर अपनी पीठ थपथपाई है। कृषि कुंभ की बात सरकार ने की है, सिर्फ आयोजन की बात कही गई, विद्युतीकरण के नाम पर सरकार ने सिर्फ अपना चेहरा चमकाया है। इसमें प्रदेश की जनता के लिए कुछ नहीं है। सिर्फ जनता को गुमराह किया जा रहा है, प्रदेश को यह सरकार गर्त में ले जा रही है।
बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने इस बजट को लेकर कहा कि आज योगी सरकार ने अपना चौथा बजट पेश किया। यह बजट अंध विश्वास को बढ़ाने वाला बजट है। इसमें नौजवानों के लिए कुछ नहीं है। दलितों की अनदेखी की गई है। यह बजट सिर्फ प्रदेश को पीछे ले जाएगा।