सूबे के सालाना बजट पर बिजली अभियंताओं ने मायूसी जताई है। उनका कहना है कि बजट में बिजली के मद में महज रस्म अदायगी की गई है। इससे कोई सुधार होने वाला नहीं है।
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के अध्यक्ष आरके सिंह और महासचिव डीसी दीक्षित ने कहा कि बजट में बिजली का उत्पादन बढ़ाने, पारेषण व वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुछ भी सार्थक नहीं किया गया है।
यह स्थिति काफी निराशाजनक है। इसी प्रकार पारेषण और वितरण प्रणाली के उच्चीकरण के लिए विगत वर्ष की तुलना में मामूली वृद्धि की गई है।
यही वजह है कि काफी महंगी दरों पर बिजली खरीद के बावजूद पारेषण और वितरण प्रणाली ठीक न होने के कारण उपभोक्ताओं तक बिजली नहीं पहुंच पाती है।
अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बजट देखते हुए नही लगता कि सन् 2016 तक सबको 24 घंटे बिजली देने का वादा पूरा हो पाएगा।