बीएसए अतुल तिवारी के निलंबन की खबर मंगलवार की शाम यहां आते ही विभाग में सन्नाटा छा गया। दरअसल, बीते तीन माह के भीतर बीएसए पर दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। एक में घूसखोरी का आरोप है तो दूसरे में नियुक्ति मेें फर्जीवाड़ा का। विभागीय कर्मी इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, कोतवाली पुलिस ने घूसखोरी के आरोप की जांच तेज कर दी है।
ताजा मामला फर्नीचर आपूर्ति से जुड़ा है। मोतीगंज के ग्राम किनकी निवासी मनोज पांडेय हरियाणा के गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में एमडी हैं। मनोज पांडेय की तहरीर पर न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें मनोज ने आरोप लगाया था कि 564 उच्च प्राथमिक एवं संकुल विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के लिए हुए टेंडर में उनकी कंपनी को एल-1 घोषित किया गया था।
करीब 15 से 16 करोड़ रुपये के इस कार्य में बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने उनसे 15 प्रतिशत कमीशन (करीब 2.25 करोड़ रुपये) की मांग की थी। मनोज के अनुसार, चार जनवरी 2025 को उन्हें राजकीय हाउसिंग कॉलोनी स्थित बीएसए के आवास पर बुलाया गया, जहां उन्होंने 22 लाख रुपये बीएसए को और चार-चार लाख रुपये दोनों समन्वयकों को दिए। शेष रकम न देने पर उनका 50.38 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट वापस लेकर रद्द कर दिया गया। इसके बाद उनकी फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। हालांकि बीएसए आरोपों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट तक गए, लेकिन वहां पर उन्होंने अपनी याचिका ही वापस ले ली। बीएसए मुकदमा दर्ज होते ही अवकाश पर चले गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।