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यूपी: प्रयागराज की घटना पर बसपा की नजर, आकाश आनंद ने पहले किया था आगाह; दलित युवाओं पर दर्ज हुई हैं FIR

Wed, 02 Jul 2025 09:47 PM IST
रोहित मिश्र अशोक मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ

सार

Chandrashekhar Azad: सांसद चन्द्रशेखर आजाद को नजरबंद किए जाने के मामले में हुई हिंसा पर बसपा की नजरें हैं। इस मामले में कई दलित युवाओं पर एफआईआर हुई थी। 

 
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आकाश आनदं, चन्द्रशेखर, बसपा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 प्रयागराज में आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को नजरबंद किए जाने के विरोध में भड़की हिंसा के बाद दलित युवाओं पर दर्ज किए गये मुकदमों पर बहुजन समाज पार्टी की नजरें हैं। बसपा इस मामले में फंसे निर्दोष युवाओं की मदद के साथ आजाद समाज पार्टी की घेराबंदी करने की रणनीति बना रही है।
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पार्टी सूत्रों की मानें तो हिंसा के बाद दर्ज मुकदमों में नामजद तमाम युवा बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर, जिलाध्यक्ष समेत स्थानीय नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। इनमें से तमाम युवा मौके पर मौजूद नहीं होने का दावा कर खुद को निर्दोष बता रहे हैं। पार्टी नेता इसकी पुष्टि करने के बाद पुलिस अधिकारियों से बात कर उन्हें न्याय दिलाने की कवायद में जुटे हैं। वहीं कुछ अधिवक्ताओं को भी इस कवायद में शामिल किया गया है। इस प्रकरण की जानकारी पार्टी हाईकमान तक भी पहुंच चुकी है, जिसके बाद निर्दोषों को राहत दिलाने की रणनीति बनाई जा रही है।



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आकाश कर चुके हैं आगाह

लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद ने चंद्रशेखर का नाम लिए बगैर बयान दिया था कि वह आपको गुमराह कर खुद को मसीहा बताता है। गुस्सा दिलाकर धरना प्रदर्शन कराता है। आप लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो जाते हैं। अगर एक युवा के ऊपर केस दर्ज हो गया तो उसे नौकरी और पढ़ने लिखने में दिक्कत होगी। आपकी बाद में कोई मदद भी नहीं करेगा।

बढ़ती जा रही तल्खी
बता दें कि बसपा नेताओं और चंद्रशेखर आजाद के बीच बीते दिनों हुई बयानबाजी से तल्खी बढ़ती जा रही है। चंद्रशेखर ने आकाश आनंद को जनता द्वारा नकारे जाने का बयान दिया तो मायावती ने पलटवार करते हुए उन्हें बरसाती मेढ़क बता दिया। अब इस मामले में बसपा सियासी नफा-नुकसान भांप कर कदम बढ़ा रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि आजाद समाज पार्टी की घेराबंदी का यह सबसे मुफीद मौका है।
 
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