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यूपी: बसपा को ब्राह्मणों से है उम्मीद, पार्टी उठा रही है उनके सम्मान का मुद्दा; पदाधिकारियों को दिए ये संकेत

Sun, 08 Feb 2026 07:50 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Assembly Elections:बीते कुछ चुनावों में लगातार खराब प्रदर्शन कर रही बसपा 2027 के चुनावों में अपना पिछला फॉर्मूला अपनाने की कोशिश में है।
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मायावती कर रही हैं चुनावी तैयारियां। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 बसपा को उम्मीद है विधानसभा-2027 चुनाव में सवर्ण जीत का स्वाद चखा सकते हैं। इसमें ब्राह्मणों की भूमिका सबसे अहम हो सकती है। इसलिए बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार ब्राह्मणों के हितों के लिए लगातार मुखर होकर मुद्दों पर बात रख रही हैं। शुक्रवार को पदाधिकारियों संग हुई बैठक में एक बार फिर ब्राह्मणों के हितों की बात करते हुए बसपा को ही समाज का हितैषी बताया है।

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लोकसभा चुनाव में मायावती ने मुस्लिमों पर भरोसा जताकर टिकट दिए थे। इसके बावजूद बसपा को मुस्लिमों के ही वोटों का संकट रहा था। तब मायावती ने बयान दिया था कि भविष्य में वह मुस्लिमों को सोच समझकर ही टिकट देंगी। चूंकि सवर्ण चार बार उनको जीत का स्वाद चखा चुके हैं। इसलिए उन्होंने इस बार ब्राह्मणों को केंद्र में रखकर विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका है। 

इसका एक ताजा उदाहरण विवादित वेब सीरीज घूसखोर पंडत है। जिस पर मायावती ने ब्राह्मणों के पक्ष में खुलकर बात रखी और फिल्म की आलोचना की। ये भी कहा कि कुछ समय से यूपी ही नहीं बल्कि अब फिल्मों में भी पंडत को घूसखोर आदि बताकर अपमानित किया जा रहा है। यही नहीं उन्होंने सीरीज पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। साफ है कि मायावती ब्राह्मण कार्ड के सहारे आगामी चुनाव में अपनी खोई हुई सियासत जमीन हासिल करना चाहती हैं। इसी संदेश को मायावती ने पदाधिकारियों को भी दिया है।

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एक माह में लगातार तीसरी बार ब्राह्मणों के हित की बात

बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव-2027 के लिए एक बार फिर ब्राह्मण समाज को साथ लाने की रणनीति का संकेत दिया है। मायावती ने एक माह में तीसरी बार शनिवार को ब्राह्मणों के सम्मान और हितों की बात की। इससे पहले 15 जनवरी को उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा था कि ब्राह्मणों को बाटी चोखा नहीं सम्मान चाहिए। वहीं एक दिन पहले शुक्रवार को घूसखोर पंडत फिल्म को ब्राह्मणों का अपमान बताते हुए इस पर प्रतिबंध की बात की थी

शनिवार को मायावती ने कहा कि पार्टी के लोग विपक्षी पार्टियों के हथकंडो व साजिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं। हमारी पार्टी इनका डटकर सामना कर रही है। जिससे संगठन मजबूत हो रहा है। चुनावी तैयारियों के मद्देनजर संगठन में जरूरी फेरबदल बड़े पैमाने पर किया गया है। मिशन-2027 को मिशन-2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर पूरा किया जाएगा और कानून का राज स्थापित किया जाएगा।

यूसीसी बना सामाजिक तनाव का कारण

मायावती ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण-विरोधी नीति की वजह से इन वर्गों के लोगों को सरकारी नौकरी पाने व प्रमोशन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गलत नीति की वजह से यूनिफॉर्म सिविल कोड को सामाजिक समरसता की बजाय सामाजिक तनाव का नया कारण बना दिया। केंद्र व राज्यों की भी अधिकांश सरकारें पिछले कुछ समय से जनहित के इन मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय जाति व धर्म की आड़ में ही अपनी राजनीति चमकाने में लगी हैं। इससे समाज में नफरत की भावना पैदा हो रही है, जो देश व जनहित में सही नहीं है।

एक दूसरे को नीचा दिखा रहे पक्ष-विपक्ष
बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकार व विपक्ष के बीच राजनीति व टकराव की वजह से संसद के वर्तमान बजट सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस समय संसद सत्र चल रहा है, जिसमें सत्ता व विपक्ष देश व जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने का जो घटिया ड्रामा व खेला कर रहे हैं। पक्ष-विपक्ष को भारतीय संविधान की गरिमा ध्यान रखनी चाहिए। संसद को चलाने के लिए जो नियम-कानून बने हैं, उन पर अमल करना चाहिए।

मायावती ने कहा कि वर्तमान में टैरिफ व अन्य कई ऐसे देश व जनहित के मुद्दे हैं, जिन पर संसद में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए थी लेकिन इनकी आपसी लड़ाई के कारण ये मुद्दे दरकिनार कर दिए गए। देश की जनता सब देख रही है। ऐसे में सत्ता व विपक्ष को ऐसे कृत्यों से बचना चाहिए।
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कोई योग्य व्यक्ति वोटर बनने से न छूटे

बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
एसआईआर को लेकर मायावती ने कहा कि हर स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया जाए किसी भी सूरत में योग्य व्यक्ति वोटर बनने से न छूटे। गरीब, मज़दूर, महिलाएं, अशिक्षित लोगों में अगर जानकारी का अभाव है तो अफसर इनसे संपर्क कर इनके नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाएं।

मंडल जोन प्रभारी नियुक्त
बसपा ने मंडल जोन के प्राभरियों को नियुक्त किया है। चुनाव में इन प्रभारियों को बेहद अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। मौजीलाल गौतम, विनय कश्यप को लखनऊ, उन्नाव व रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ सुशील कुमार मुन्ना, राकेश गौतम को सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर खीरी के पार्टी संबंधी कार्य सौंपे गए हैं। मुनकाद अली को मेरठ, गिरीश चंद्र को मुरादाबाद, सूरज सिंह जाटव को अलीगढ़ मंडल के जिलों को बांटकर कार्य करेंगे। यूपी बीएसपी स्टेट अध्यक्ष विश्वनाथ पाल अयोध्या लखनऊ मंडल के भी प्रमुख कार्य करेंगे।

इसके अलावा लखनऊ की सभी 9 विधानसभा सीटों के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसमें श्रवण गौतम व सत्य कुमार गौतम को मलिहाबाद, मनीष यादव व राकेश कुमार को बीकेटी, नैमीलाल गौतम व अनुरेंद्र कुमार को सरोजनीनगर, मुन्नालाल गौतम व हरीश सैलानी को लखनऊ पश्चिम, शैलेंद्र सिंह गौतम व महादेव प्रसाद जागरुक को लखनऊ उत्तरी, इंद्रजीत गौतम व राकेश कुमार गौतम को लखनऊ पूर्वी, एडवोकेट उमेश गौतम व गंगाराम गौतम को लखनऊ मध्य, देवेश गौतम व बृजेश चौधरी को लखनऊ कैंट और सुरेश राव व अनुज कुमार वर्मा को मोहनलालगंज विधानसभा सीट का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
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