कार्ड आधारित भुगतान की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही
इस अवधि में क्रेडिट और डेबिट कार्ड का उपयोग भी बढ़ा है। इन माध्यमों से करीब 1.09 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जो दर्शाता है कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कार्ड आधारित भुगतान की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बैंकों ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और क्यूआर कोड जैसी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया है।
दो हिस्सों में बंटी बैंकिंग प्रणाली
आंकड़ों के अनुसार बैंकिंग प्रणाली दो हिस्सों में बंटी नजर आती है। यूपीआई जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर पब्लिक सेक्टर बैंकों की पकड़ मजबूत है, क्योंकि इनका नेटवर्क गांव से शहर तक फैला है और ग्राहक आधार बड़ा है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर बैंक तकनीक आधारित सेवाओं जैसे आईएमपीएस, भारत क्यूआर और कार्ड भुगतान में आगे हैं। इसकी प्रमुख वजह बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज सेवाएं और शहरी ग्राहकों पर मजबूत पकड़ है।
यूनियन बैंक के महाप्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग और बैंकों के अथक प्रयास का परिणाम है कि डिजिटल लेनदेन में यूपी सबसे आगे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह पब्लिक सेक्टर बैंकों का गांव-कस्बों तक फैला नेटवर्क है। आरबीआई और सरकार के साथ लगातार वित्तीय जागरूकता अभियानों का भी इसमें योगदान है।
वर्षों के अनुसार डिजिटल लेनदेन (करोड़ में)
- 2018-19: 161.69
- 2019-20: 189.07
- 2020-21: 391.02
- 2021-22: 426.68
- 2022-23: 1174.32
- 2023-24: 893.98
- 2024-25: 1380.91
- 2025-26 (दिसंबर तक): 1635.72
इन आंकड़ों से साफ है कि डिजिटल भुगतान अब आम लोगों की आदत का हिस्सा बन चुका है।