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यूपी: गाजियाबाद में सूर्या के घर पहुंची ब्रजभूषण सिंह की बेटी शालिनी, साहित्य की दुनिया में भी रखती हैं दखल

Thu, 04 Jun 2026 09:27 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

Brijbhushan Sharan Singh: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह चर्चाओं में हैं। गुरुवार को वह सूर्या सिंह चौहान के घर पहुंचीं। 
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पिता के साथ शालिनी सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचीं शालिनी सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी के रूप में पहचान रखने वाली शालिनी पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मुद्दों पर मुखर नजर आ रही हैं, जिनका सीधा संबंध आम लोगों की समस्याओं और सामाजिक सरोकारों से है। यही वजह है कि उनकी बढ़ती सक्रियता अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनने लगी है।

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सूर्या चौहान के परिजनों से मुलाकात के दौरान शालिनी सिंह ने घटना को समाज को झकझोर देने वाला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में वह पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी हैं। इस दौरान उनका बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ।

हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब शालिनी किसी संवेदनशील मुद्दे को लेकर सामने आई हों। हाल ही में नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन के दौरान भी उन्होंने मजदूर परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। श्रमिकों के रहन-सहन, वेतन, पीएफ, ईएसआईसी और ठेका प्रथा से जुड़ी शिकायतों को उन्होंने सार्वजनिक रूप से उठाया। महिला श्रमिकों की स्थिति पर भी उन्होंने चिंता जताई और इसे सामाजिक असमानता का गंभीर विषय बताया।

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कविता से बनाई अलग पहचान

सामाजिक रुप से सक्रिय रहती हैं शालिनी। - फोटो : अमर उजाला।
राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद शालिनी सिंह ने अपनी पहचान साहित्य और कला के माध्यम से बनाई। उनकी चर्चित पुस्तक 'बेबाक हूं, बेअदब नहीं' को व्यापक चर्चा मिली। सोशल मीडिया पर उनकी कविताएं अक्सर वायरल होती रहती हैं। कई मंचों पर उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर विचार रखे हैं।

कविता के अलावा चित्रकला में भी उनकी गहरी रुचि है। उनकी कई पेंटिंग प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हो चुकी हैं। साहित्य और कला के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ी है।

सामाजिक मुद्दों पर बढ़ती दखल

पिछले कुछ वर्षों में शालिनी सिंह ने खुद को केवल एक राजनीतिक परिवार की सदस्य तक सीमित नहीं रखा। श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यही कारण है कि उनकी गतिविधियों को अब गंभीरता से देखा जाने लगा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सामाजिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहकर शालिनी अपनी अलग सार्वजनिक पहचान तैयार कर रही हैं। उनकी शैली पारंपरिक राजनीति से कुछ अलग दिखाई देती है, जहां जनसंपर्क के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक संवाद पर भी जोर है।
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विरासत और संभावनाओं के बीच

सामाजिक जीवन में बनी है सक्रियता। - फोटो : अमर उजाला।
शालिनी सिंह ऐसे राजनीतिक परिवार से आती हैं जिसकी पूर्वांचल और अवध की राजनीति में मजबूत पकड़ रही है। उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह छह बार सांसद रह चुके हैं। भाई करण भूषण सिंह कैसरगंज से सांसद हैं, जबकि दूसरे भाई प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर से विधायक हैं।

ऐसे में उनकी बढ़ती सक्रियता को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने अभी तक किसी चुनावी दावेदारी का संकेत नहीं दिया है, लेकिन सामाजिक मुद्दों पर उनकी लगातार मौजूदगी राजनीतिक संभावनाओं की चर्चाओं को जरूर जन्म दे रही है।

फिलहाल शालिनी सिंह कविता, कला और सामाजिक सरोकारों के जरिए अपनी अलग पहचान गढ़ती दिखाई दे रही हैं। लेकिन सूर्या हत्याकांड से लेकर नोएडा के श्रमिक आंदोलन तक उनकी सक्रिय भूमिका ने यह संकेत जरूर दिया है कि आने वाले समय में उनकी सार्वजनिक भूमिका और व्यापक हो सकती है। यही कारण है कि राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही हलकों की नजर अब शालिनी सिंह की अगली पहल पर टिकी हुई है।
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