लखनऊ के हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर घर-घर राधा-कान्हा उत्सव आयोजित हुआ। इसमें बच्चों ने राधा-कृष्ण के बाल रूप में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नन्ही राधाओं ने नृत्य और कथक से माहौल आकर्षक बनाया। विभिन्न आयु वर्गों में बच्चों का चयन कर उन्हें पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिए गए। कार्यक्रम में अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हाथों में माखन की मटकी, सिर पर मोरपंखी पगड़ी और आंखों में नटखट शरारत... दूसरी ओर रंग-बिरंगे घाघरे, माथे पर बिंदी और सजी-संवरी नन्ही राधाएं। हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर ''जय कन्हैया लाल की...'' के स्वर, ''राधे-राधे'' के जयकारे के बीच जब नन्हे बच्चे राधा-कृष्ण के रूप में मंच पर उतरे तो लगा मानो लखनऊ में अचानक ब्रज की गलियां जीवंत हो उठी हों। हर कोई एकटक निहारता रह गया।
यह मनमोहक नजारा बृहस्पतिवार को हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर आयोजित अमर उजाला के घर-घर राधा-कान्हा उत्सव'' में दिखा। अमर उजाला और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में हुए आयोजन में बच्चों की मासूम अदाओं ने हर किसी का मन मोह लिया।
'घर-घर राधा-कान्हा उत्सव'का आयोजन
- फोटो : कुलदीप सिंह
मंच पर जब एक-एक कर राधा और कृष्ण के बालरूप उतरे तो दर्शक तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे। नन्ही राधाओं के नृत्य और कथक के माध्यम से राधा-कृष्ण प्रेम के चित्रण ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग इलाकों से माता-पिता बच्चों को लेकर पहुंचे थे। तीनों श्रेणियों में प्रतिभागियों का चयन किया गया और सभी को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। संचालन मनीष पंडित ने किया।