यूपी बोर्ड परीक्षा में धांधली रोकने के लिए थ्री-डी होलोग्राम का इस्तेमाल होगा। इसके लिए आईआईटी की तर्ज पर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं पर भी थ्री-डी होलोग्राम लगाया जाएगा। नतीजतन परीक्षा में गड़बड़ी करने के लिए पुरानी कॉपियों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। हालांकि इस साल कुछ जिलों में प्रायोगिक तौर पर करीब 32 लाख कॉपियों में थ्री-डी होलोग्राम लगाया जाएगा।
हर साल लगभग 70 से 75 लाख विद्यार्थी यूपी बोर्ड की परीक्षा में बैठते हैं। शिक्षा माफिया इतनी बड़ी परीक्षा में धांधली के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करते हैं। इसमें परीक्षा केंद्र निर्धारण हो या नकल कराना या फिर उत्तर पुस्तिका बदलवाने से लेकर परीक्षकों से नंबर बढ़वाने का खेल किया जाता है।
राज्य सरकार चाहती है कि बोर्ड परीक्षा नकलविहीन हो। इसलिए इसे गड़बड़ी को रोकने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार कहते हैं कि बोर्ड परीक्षा के लिए करीब 7 करोड़ कॉपियां छपवाई जाती हैं।
इस बार प्रयोग के तौर पर कुछ जिलों में परीक्षार्थियों को दी जाने वाली कॉपियों में थ्री-डी होलोग्राम लगाने की योजना है। इससे बोर्ड परीक्षा की कापियां धोखाधड़ी कर बदली नहीं जा सकेंगी। अगले साल से सभी जिलों की कॉपियों में थ्री-डी होलोग्राम लगवा दिया जाएगा। अभी तक आईआईटी की कॉपियों में इसे लगवाया जाता है।