कोरोना काल में बदले हुए पेपर पैटर्न पर यूपी बोर्ड इंटर की परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। विभागीय जानकारी और विशेषज्ञ शिक्षकों के अनुसार इस बार परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या पहले के मुकाबले आधी होगी। इसमें भी बहुविकल्पीय और लघुउत्तरीय प्रश्नों की संख्या ज्यादा हो सकती है। दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या घटाई जा सकती है, ताकि डेढ़ घंटे में छात्रों के ऊपर ज्यादा से ज्यादा लिखने का दबाव न हो। ऐसे में यह तय है कि पेपर पैटर्न पूरी तरह से बदला होगा। इसको लेकर शिक्षकों और छात्रों में उत्सुकता भी बढ़ी है। हर कोई अपने स्तर से कयास लगा रहा है।
कुछ इस तरह का हो सकता है पेपर पैटर्न
विज्ञान : शिक्षकों के अनुसार विशेषज्ञ शिक्षकों की कमेटी है। इन्हीं के द्वारा पेपर पैटर्न तय होगा और पेपर सेट कराए जाएंगे। विज्ञान विषय में अमूमन 30 से ज्यादा ही प्रश्न पूछे जाते हैं। भौतिक विज्ञान की बात करें तो इसमें चार खंडों में कुल 34 प्रश्न पूछे जाते रहे हैं।
हिंदी व अन्य विषय : जीजीआईसी सरोसा भरोसा की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ वंदना तिवारी बताती हैं कि अंग्रेजी विषय में दो खंड में 13 प्रश्न पूछे जाते रहे हैं। नए पेपर पैटर्न में प्रश्नों की घटकर 12 हो सकती है। ग्रामर भाग में सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते रहे हैं। इसके अलावा 10 अंक, चार अंक, पांच अंक, वाले काफी प्रश्न पूछे जाते रहे हैं। एक प्रश्न 10 और एक 12 अंक का भी पूछा जाता था।
बदले पैटर्न में ज्यादा अंक वाले प्रश्नों की संख्या कम हो सकती है और कुछ दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की शब्द सीमा भी घटाई जा सकती है। 10 और चार अंक वाले प्रश्न कम करके उनके पूर्णांक बढ़ाए जा सकते हैं। इसी प्रकार हिंदी विषय मे भी दो खंडों में 14 प्रश्न पूछे जाते थे। विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नों की संख्या सात हो सकती है और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और कम किए जा सकते हैं।
यूपी बोर्ड की परीक्षा डेढ़ घंटे में कराने का निर्णय लिया गया है। पेपर पैटर्न को लेकर छात्रों में बहुत ज्यादा उत्सुकता है। जैसे ही नए पैटर्न की जानकारी होगी बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों का स्कूल स्तर से परीक्षा करायी जाएगी ताकि उनको पैटर्न समझ में आ सके और उसके अनुसार लिख सकें।