यूपी बोर्ड ने हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए आवेदन करने की संशोधित सारिणी जारी तो की, लेकिन इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षकों के अनुसार इस संशोधित सारिणी से कोई लाभ नहीं होने वाला है। मंगलवार को जारी इस संशोधित सारिणी में परीक्षा शुल्क जमा करने को सिर्फ तीन दिन का ही समय दिया गया है। हालांकि डीआईओएस ने इस संशोधित कार्यक्रम को सभी स्कूलों को भेज दिया है।
जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 16 अक्तूबर निर्धारित की गई है। इससे पहले 28 सितंबर को यह प्रक्रिया बंद कर दी गई थी। वहीं परीक्षा शुल्क की सूचना और छात्रों के विवरण को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि भी 16 अक्तूबर की मध्यरात्रि निर्धारित है। ऑनलाइन अपलोड किए गए विवरण को चेक करने व अपडेट करने की प्रक्रिया 17 से 25 अक्तूबर तक होगी।
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि जिनके यहां छात्र आवेदन करने से छूट गए हैं, वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विलंब शुल्क के साथ जल्द प्रक्रिया पूरी कर लें। शिक्षकों में बोर्ड के इस आदेश को लेकर नाराजगी है। शिक्षकों के अनुसार प्रक्रिया सितंबर में समाप्त हो गई थी। अचानक मंगलवार शाम को बोर्ड ने यह आदेश जारी कर दिया और शुल्क जमा करने व विवरण अपलोड करने के लिए महज तीन दिन का ही समय दिया है। जबकि स्कूल में छात्र नहीं आ रहे हैं। तीन दिनों में छात्र से संपर्क कर, शुल्क लेकर उसे ट्रेजरी में जमा कराना संभव नहीं है।