यूपी में दिखेगा जंतर-मंतर इफेक्ट।
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चुनावी साल में सरकार से नाराज जेन-जी यानि युवा शक्ति को साधन के लिए प्रदेश भाजपा भी जमीनी स्तर पर उतरकर काम करने की रणनीति अपनाएगी। खासतौर पर नई युवा पीढ़ी के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा की युवा टोली स्कूल-कॉलेजों तक पहुंचकर युवाओं से सीधा संवाद करेगे। इसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों और जिला स्तरीय टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हालांकि यह अभियान प्रदेश के मुख्य संगठन और भाजयुमो की प्रदेश संगठन के गठन के बाद शुरू होगी।
सूत्रों के मुताबिक इस अभियान के तहत विधानसभावार 10-10 युवाओं की टीमें तैयार की जाएंगी। युवा टोली का मुख्य फोकस कॉलेज और स्कूलों में पढ़ने वाले युवाओं के बीच पहुंच बनाने पर रहेगा। टीम के सदस्य युवाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सरकार को लेकर उनकी राय जानेंगे। इसके साथ ही सरकार की ओर से युवाओं के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं, रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों, शिक्षा और कौशल विकास की योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, युवा मोर्चा की इन टीमों को सिर्फ सरकार की उपलब्धियां बताने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ किए जा रहे प्रचार का जवाब देने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। युवाओं के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पहुंच रहे संदेशों को ध्यान में रखते हुए भाजपा की युवा टोली तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखने का प्रयास करेगी।
भाजपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा सीधे संवाद को बनाया गया है। पार्टी मानती है कि जेन-जी का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है और पारंपरिक राजनीतिक संवाद के बजाय वह सवालों के सीधे जवाब चाहती है।