कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता विवाद मामले में याची ने एक अर्जी दाखिल कर 20 अप्रैल के आदेश को वापस लिए जाने की मांग की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने पारित किया था। इसमें याची एस विग्नेश शिशिर द्वारा सोशल मीडिया में कोर्ट पर की गई टिप्पणियों को संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति विद्यार्थी ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था।
इस आदेश में न्यायालय ने यह भी मत दिया था कि प्रस्तावित अभियुक्त को भी सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी द्वारा स्वयं को सुनवाई से अलग करने का पश्चात मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ को नामित कर दी गई थी। बुधवार को यह याचिका जब सुनवाई के लिए पेश हुई तो न्यायमूर्ति माथुर ने कहा कि 20 अप्रैल के आदेश को वापस लिए जाने संबंधी अर्जी को वही पीठ तय कर सकती है जिसने उक्त आदेश पारित किया था। लिहाजा अर्जी को यथोचित पीठ द्वारा निर्णीत करने के पश्चात ही इस कोर्ट के समृद्ध सूचीबद्ध किया जाए।