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यूपी: भाजपा विधायकों का होगा ऑडिट, उसी आधार पर पार्टी तय करेगी 2027 चुनावों का टिकट; इस तरह होगा आकलन

Mon, 19 May 2025 06:15 AM IST
रोहित मिश्र सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ

सार

UP 2027 elections: यूपी में 2027 में होने वाले चुनावों के लिए भाजपा अभी से तैयारी में जुट गई है। भाजपा के विधायकों का ऑडिट किया जाएगा। उसी के आधार पर टिकट तय होंगे। 
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पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास जाएगा यह सर्वे। वहीं से तय होगी टिकट। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के मौजूदा विधायकों की दावेदारी पर संकट आ सकता है। टिकट बांटने से पहले सभी विधायकों को जनता की कसौटी पर कसा जाएगा। विधायकों की लोगों के बीच छवि परखने का काम शुरू भी कर दिया गया है।

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दरअसल, सरकार और भाजपा चुनावी मोड में जाने से पहले अपने विधायकों के बारे में पूरा ब्योरा जुटाना चाहती है। इसलिए उनके कामकाज का ऑडिट कराया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि कौन विधायक जनता के बीच कितना सॉलिड है।

भाजपा प्रदेश में लगातार दो बार सरकार बनाने के बाद अब हैट्रिक की रणनीति बना रही है। ऐसे में पार्टी टिकट बांटने में कोई गलती नहीं करना चाहती। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों का ऑडिट कराने की जिम्मा सरकार को सौंपा गया है। सरकार ने कुछ एजेंसियों को काम पर लगा दिया है। एजेंसियों ने गोपनीय तरीके से काम शुरू भी कर दिया है।
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विधायकों के कामकाज और जनता के बीच छवि का ऑडिट कराने के साथ ही सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर सर्वे कराने का भी फैसला लिया गया है। विधानसभावार सर्वे करके एक डाटा तैयार किया जाएगा। साफ है कि विधानसभा चुनाव 2027 में विधायकों को टिकट पाने के लिए अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

तीन श्रेणियों में होगा आकलन
सर्वे में विधायकों की छवि का आकलन ए, बी और सी तीन श्रेणियों में किया जाएगा। ऑडिट के बाद विधायकों को श्रेणीबद्ध करते हुए अंक दिए जाएंगे। सर्वाधिक अंक पाने वाले विधायक को ए श्रेणी में रखा जएगा। इसी प्रकार अंक के आधार पर बी और सी श्रेणी में रखा जाएगा। सरकार के स्तर से पूरा डाटा तैयार करके पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

इन बिंदुओं पर होगा ऑडिट

- पहली और दूसरी बार के विधायकों का परफारमेंस कैसा रहा
- क्षेत्र में विकास निधि की धनराशि खर्च करने की स्थिति कैसी है
- जनसमस्याओं के निस्तारण में कितनी सक्रियता दिखाई
- पिछले चुनाव में प्रतिद्वंदी से कम मार्जिन से जीतने की क्या वजह हैं
- जनता की नजर में विधायकों की छवि कैसी है
- 2027 में चुनाव जीतने की संबंधित विधायक की कितनी संभावना है
 

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विपक्ष की स्थिति पर रहेगी नजर

सर्वे में भाजपा के साथ ही मुख्य विपक्षी दलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। जातिवार समीकरण के लिहाज से भी रिपोर्ट बनेगी। इसमें देखा जाएगा कि किस जाति व समाज में किस दल की पकड़ है। किस पार्टी को लेकर क्या अवधारणा है। पार्टी की स्थिति के साथ ही मौजूदा विधायकों के बारे में रिपोर्ट तैयार की जाएगी।


 
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