जेपी नड्डा और योगी आदित्यनाथ
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जिलों के लिए चुने गए चुनाव अधिकारी अब मंडल और बूथ स्तर के चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे। उनकी देखरेख में मंडल और बूथ अध्यक्ष चुने जाएंगे, जिसके बाद जिलाध्यक्ष और अंततः प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा। इस प्रक्रिया को अगले दो महीनों में पूरा करने की योजना है, ताकि नए साल में पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सके।
बूथ, मंडल और जिला स्तर पर चुने गए अध्यक्ष अपनी कार्यकारिणी का गठन करेंगे। चुनाव अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों को ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का महत्व समझाया गया है। उनसे कहा गया है कि पहले अपने सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करें, और उनमें से ही अध्यक्ष और कार्यकारिणी का चयन करें। क्षेत्र में जिस जाति की संख्या अधिक है, उस समुदाय से अध्यक्ष का चयन किया जाए और अन्य जातियों का भी उचित प्रतिनिधित्व कार्यकारिणी में हो।
पार्टी ने इस बार संगठन में 33% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया है। प्रदेश के 1.36 लाख बूथों पर महिलाओं को सक्रिय भूमिका देने की कवायद की जा रही है। बूथ स्तर से लेकर मंडल और जिला कार्यकारिणी में भी महिलाओं को अहम जिम्मेदारियाँ दी जाएंगी, ताकि भाजपा में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित हो।