यूपी एटीएस द्वारा बीती 15 सितंबर को गिरफ्तार किया गया सहारनपुर निवासी बिलाल खान अल कायदा इन इंडिया सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के साथ मिलकर आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था। वह पाकिस्तान में अल कायदा के हैंडलर समेत करीब 4000 मोबाइल नंबरों के संपर्क में था। उसका हैंडलर उसे आतंकी हमलों की योजना बनाने के निर्देश भेज रहा था। बिलाल को बीती 4 नवंबर को रिमांड पर लेकर पूछताछ के दौरान ये खुलासे हुए हैं।
आईजी कानून-व्यवस्था एलआर कुमार ने बताया कि बिलाल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों को शहीद बताकर उनका महिमामंडन कर रहा था। वह भारतीय सेना एवं अन्य सुरक्षा बलों को अपशब्द कहते हुए उनके विरोध के वीडियो भी शेयर करता था। पाकिस्तानी सेना के समर्थन से कश्मीर को भारत से आजाद कराने वाले चैट्स एवं वीडियो भी प्रचारित करता था। उसने एक्यूआईएस की बैयत (निष्ठा की शपथ) अपने पाकिस्तानी हैंडलर से ली थी।
अपने सोशल मीडिया ग्रुप में आसिम उमर को श्रद्धांजलि देते हुए ग्रुप के सदस्यों के मध्य आसिम उमर के उद्धरण कि 'अगर आप जिहाद के रास्ते पर चलेंगे तो मोरक्को से लेकर फिलीपींस तक मुजाहिदीन आपके समर्थन में खड़े हो जाएंगे और जहां मुजाहिदीन का पसीना गिरेगा, यहां लोग खून बहा देंगे'... पोस्ट की थी। एटीएस उससे जिहादी गतिविधियों में संलिप्त अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।