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UP : अलकायदा के साथ आतंकी हमले करने की साजिश रच रहा था बिलाल, 4000 मोबाइल नंबरों के संपर्क में था

Fri, 07 Nov 2025 07:48 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी एटीएस ने बिलाल खान को पकड़ा है। जो अल कायदा इन इंडिया सब-कांटिनेंट के साथ मिलकर आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था। 
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यूपी एटीएस (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया एटीएस पेज
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विस्तार
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यूपी एटीएस द्वारा बीती 15 सितंबर को गिरफ्तार किया गया सहारनपुर निवासी बिलाल खान अल कायदा इन इंडिया सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के साथ मिलकर आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था। वह पाकिस्तान में अल कायदा के हैंडलर समेत करीब 4000 मोबाइल नंबरों के संपर्क में था। उसका हैंडलर उसे आतंकी हमलों की योजना बनाने के निर्देश भेज रहा था। बिलाल को बीती 4 नवंबर को रिमांड पर लेकर पूछताछ के दौरान ये खुलासे हुए हैं।

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बता दें कि एटीएस ने तीतरों नकुड़ के ग्राम पापरी निवासी बिलाल खान को मेरठ से गिरफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था, हालांकि इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी थी। बीती 4 नवंबर को उसे रिमांड पर लेने के बाद हुई पूछताछ और मोबाइल के डाटा एनालिसिस से पता चला कि वह 4000 पाकिस्तानी नंबरों से जुड़ा था। वह अपने पाकिस्तानी अलकायदा हैंडलर्स के लगातार संपर्क में रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश हासिल कर रहा था। 

यह भी सामने आया कि अलकायदा के संस्थापक सदस्यों ओसामा बिन लादेन व अयमान-अल-जवाहिरी द्वारा संभल निवासी आसिम उमर संभली को एक्यूआईएस का प्रथम चीफ बनाया गया था। बिलाल आसिम उमर संभली से खासा प्रभावित था। उसके हिंसात्मक जिहादी तकरीरों, उद्बोधनों आदि को प्रचारित-प्रसारित करता था।
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वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए हजारों पाकिस्तानी व्यक्तियों के साथ जुड़कर कई देश विरोधी पोस्ट ग्रुपों के माध्यम से करता था। उसका मंसूबा देश की चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए हिंसात्मक जिहाद करने तथा शरिया आधारित कानून का राज्य स्थापित करना था।

पहलगाम के आतंकियों को बताया शहीद

आईजी कानून-व्यवस्था एलआर कुमार ने बताया कि बिलाल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों को शहीद बताकर उनका महिमामंडन कर रहा था। वह भारतीय सेना एवं अन्य सुरक्षा बलों को अपशब्द कहते हुए उनके विरोध के वीडियो भी शेयर करता था। पाकिस्तानी सेना के समर्थन से कश्मीर को भारत से आजाद कराने वाले चैट्स एवं वीडियो भी प्रचारित करता था। उसने एक्यूआईएस की बैयत (निष्ठा की शपथ) अपने पाकिस्तानी हैंडलर से ली थी। 

अपने सोशल मीडिया ग्रुप में आसिम उमर को श्रद्धांजलि देते हुए ग्रुप के सदस्यों के मध्य आसिम उमर के उद्धरण कि 'अगर आप जिहाद के रास्ते पर चलेंगे तो मोरक्को से लेकर फिलीपींस तक मुजाहिदीन आपके समर्थन में खड़े हो जाएंगे और जहां मुजाहिदीन का पसीना गिरेगा, यहां लोग खून बहा देंगे'... पोस्ट की थी। एटीएस उससे जिहादी गतिविधियों में संलिप्त अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

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