उत्तर प्रदेश अब केवल ‘ट्रेडिंग स्टेट’ ही नहीं रह गया, बल्कि ‘मैन्युफैक्चरिंग स्टेट’ की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। भूमि पूजन समारोह में शामिल होने वाली 10 लाख करोड़ की परियोजनाओं में से करीब 12 फीसदी यानी 1.2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट निर्माण से जुड़े हैं। समारोह रीयल इस्टेट सेक्टर को भी गति देगा क्योंकि 1.90 लाख करोड़ के निवेश इस सेक्टर के हैं। समारोह में शामिल होने वाले अधिकांश निवेश नवीकरणीय ऊर्जा (16 फीसदी), आवास (19 फीसदी), मैन्युफैक्चरिंग (12 फीसदी), आईटी एवं आईटी आधारित सेवाएं (10 फीसदी), लॉजिस्टिक्स (8 फीसदी), इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (5 फीसदी), खाद्य प्रसंस्करण (6 फीसदी), विनिर्माण (13 फीसदी), शिक्षा (3 फीसदी), आतिथ्य (3 फीसदी) आदि जैसे क्षेत्रों में हैं। इसके अतिरिक्त जैव ईंधन व बायोमास (2.62 फीसदी), टेक्सटाइल एवं हथकरघा (1.24 फीसदी), लकड़ी के उद्योग (1.06 फीसदी), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (1.05 फीसदी), डेयरी (1.01 फीसदी) उद्योग भी हैं।