अध्यक्ष बनने वाले नेताओं में दो नेता ऐसे रहे हैं जिन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। 1982 से 1984 के बीच प्रदेश अध्यक्ष रहने वाले कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। उन्होंने दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और एक बार सांसद के रूप में कार्य किया। दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के समय वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। दो बार अध्यक्ष बनने वाले राजनाथ सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। वह 2000 से 2002 तक मुख्यमंत्री रहे।
कलराज मिश्रा कई बार राज्यपाल बन चुके हैं।
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प्रदेश अध्यक्ष पद पर बैठने वाले नेताओं को जातिगत नजरिए से देखें तो सबसे ज्यादा बार मौका ब्राह्मणों को मिला है। पहली बार 1980 में माधव प्रसाद त्रिपाठी भाजपा के अध्यक्ष बने। वह चार वर्षों तक अध्यक्ष पद पर रहे। 1991 में लखनऊ के कलराज मिश्र पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए। वह 1997 तक पार्टी के अध्यक्ष पद पर रहे। कलराज मिश्र को दूसरी बार सन 2000 में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया। वह तब करीब दो वर्षों तक इस पद पर रहे।
2004 से 2007 तक केशरीनाथ त्रिपाठी इस पद पर करीब तीन साल तक रहे। रमापति राम त्रिपाठी एक अन्य ब्राहाम्ण चेहरे के रूप में भाजपा के अध्यक्ष रहे। वह 2007 से 2010 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। वह 2012 से 2016 तक करीब चार वर्षों तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। महेंद्र नाथ पांडेय ब्राहाम्ण चेहरे के रूप में अभी तक आखिरी बार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। वह 2017 से 2019 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे।
विनय कटियार रहे हैं यूपी के प्रदेश अध्यक्ष
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7.फिर से कलराज मिश्रः ओम प्रकाश के बाद एक बार फिर से कलराज मिश्रा के हाथ में कमान आई। वह 2000 से 2002 तक पार्टी के प्रमुख रहे।
8.विनय कटियारः कलराज मिश्र के दूसरे कार्यकाल के बाद बीजेपी ने विनय कटियार को पार्टी में यूपी का जिम्मा सौंपा। विनय कटियार को राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिना जाता रहा है। वह करीब दो साल तक पार्टी प्रमुख रहे।
9.केशरीनाथ त्रिपाठीः कटियार के बाद पार्टी ने केशरीनाथ त्रिपाठी को अध्यक्ष चुना। जुलाई 2004 से सितंबर 2007 तक अध्यक्ष रहे केशरीनाथ त्रिपाठी बाद में यूपी विधानसभा के स्पीकर रहे और कुछ राज्यों में राज्यपाल भी रहे।
10.रमापति राम त्रिपाठीः केशरीनाथ त्रिपाठी के बाद बीजेपी ने डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को अध्यक्ष चुना। वह वर्ष 2007 से 2010 तक यूपी भाजपा प्रमुख रहे। राम पति राम त्रिपाठी देवरिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं।
11.सूर्य प्रताप शाहीः रमापति राम त्रिपाठी के बाद बीजेपी ने सूर्य प्रताप शाही के कंधों पर यूपी की जिम्मेदारी सौंपी। मई 2010 से 2012 के अप्रैल तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष रहे सूर्य प्रताप शाही इस समय योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं।