भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी।
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कार्यकर्ता, कार्यालय, कार्यक्रम, कोष हैं चार स्तंभ
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मेरे नेतृत्व का मूलमंत्र संगठन, संपर्क, संवाद व समन्वय रहेगा। संपर्क व संवाद से संगठन को सशक्त बनाना और पार्टी के विचारों को जनमानस तक पहुंचाना प्राथमिकता होगी। सरकार के जनहितकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाना पार्टी व कार्यकर्ताओं का दायित्व है। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी पद पर बैठने वाला व्यक्ति भूतपूर्व हो सकता है लेकिन कार्यकर्ता कभी भूतपूर्व नहीं होता।
चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल ने पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने का प्रमाणपत्र दिया। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी के पैर छुए। इसके बाद सीएम योगी के पैर छूकर प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे। दरअसल, परंपरा के अनुसार सीएम के बगल में रखी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर पहले निवर्तमान अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी बैठे थे, जबकि पंकज चौधरी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बगल में बैठे थे। निर्वाचित घोषित होने के बाद भूपेंद्र चौधरी और पंकज चौधरी ने कुर्सियों की अदला-बदली की।