प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से स्वामित्व योजना के तहत घरौनी वितरण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में अपने आवास से शामिल हुए। योजना के तहत सर्वाधिक घरौनी का वितरण प्रदेश के 37 जिलों के 346 ग्रामों की 41,431 घरौनी की हार्ड कॉपी का वितरण जनप्रतिनिधियों व जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
पीएम ने कहा कि स्वामित्व योजना ने गरीबों के हाथ में ताकत सौंपी है। यह योजना गांवों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगी व आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने भारत रत्न लोक नायक जय प्रकाश नारायण और भारत रत्न नाना जी देशमुख की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने आजीवन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। नाना जी कहा करते थे कि यदि गांवों में लोग विवाद में फंसे रहेंगे तो न तो अपना विकास कर पाएंगे और न ही समाज का। स्वामित्व योजना गांवों में विवादों को खत्म करने का बहुत बड़ा माध्यम बनेगी। प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल, 2020 को राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के अवसर पर ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारम्भ किया था।
पंचायतीराज सिस्टम सशक्त होगा
मोदी ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 1 लाख लोगों को अपने घरों का स्वामित्व पत्र मिल रहा है। दुनिया के बड़े-बड़े एक्सपर्ट जोर देते हैं कि जमीन और घर के मालिकाना हक की देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है। पिछले 6 सालों में पंचायती राज सिस्टम को सशक्त करने के जो प्रयास चल रहे हैं स्वामित्व योजना उसे मजबूत करेगी।
कृषि सुधार में विरोध पर विपक्ष पर बरसे
पीएम ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, यह दशकों से कहा जाता रहा। लेकिन गांवों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था। लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकते। पिछले 6 वर्षों में गांवों में बैंक खाते खोलने, सड़क, शौचालय, बिजली की व्यवस्था करने, उज्ज्वला गैस कनेक्शन देने का काम किया गया। सभी को स्वच्छ पेयजल के लिए पाइप पेयजल योजना शुरू की। आप्टिक फाइबर का एक वृहद जाल फैलाया गया। इतना काम छह दशक में नहीं हुआ। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। इस बदलाव से किसानों को असीम संभावनाएं प्राप्त होंगी। इसका विरोध वही कर रहे हैं जिन्होंने सत्ता में रहते हुए किसानों को मुसीबत के साथ छोड़ रखा था।
कोविड की दवा आने तक ढिलाई नहीं
मोदी ने लोगों से अपील की कि कोविड-19 के दौरान मास्क पहनने, 2 गज की दूरी का पालन करने, अनावश्यक घर से बाहर न निकलने और ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं’ के मूलमंत्र को जीवन का हिस्सा बनाएं।
गिनाए योजना के फायदे
गांवों में संपत्ति विवादों में कमी आएगी। ग्रामीणों को आबादी क्षेत्र में की संपत्तियों (भवन, प्लॉट) के प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त होंगे। इसका उपयोग बैंक से लोन प्राप्त करने में किया जा सकेगा। आबादी क्षेत्र का प्रारंभिक डाटा तैयार होने से विकास के लिए सरकारी योजनाएं बनाने व क्रियान्वयन में आसानी होगी। संपत्ति का रिकॉर्ड व अधिकार मिलने से लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। निवेश और रोजगार-स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे।