उत्तर प्रदेश में कम नामांकन वाले 10827 परिषदीय स्कूलों के विलय (पेयरिंग) के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के जिले के अंदर एक और समायोजन की घोषणा की थी। इसके लिए कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया। किंतु तीन दिन का समय बीतने के बाद भी अभी तक कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने पूर्व में यह घोषणा की थी कि परिषदीय स्कूलों की पेयरिंग के बाद शिक्षक-छात्र अनुपात के तहत कम शिक्षक वाले विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसके तहत 22 जुलाई को इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश व समय सारिणी भी जारी की गई थी। इसके अनुसार 23 जुलाई को आरटीई के मानक के अनुसार प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की सूची ऑनलाइन जारी करनी थी।
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किंतु अभी तक शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार कम और ज्यादा शिक्षकों वाले स्कूलों की सूची ही नहीं जारी की जा सकी है। इसी तरह शिक्षकों के ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई से शुरू होना और 27 जुलाई तक चलना था। किंतु तीन दिन बीतने के बाद भी समायोजन की कोई भी प्रक्रिया नहीं शुरू हुई। ऐसा लग रहा है कि विभाग समायोजन की घोषणा करके ही भूल गया। इसकी वजह से आगे की प्रक्रिया ठप पड़ी है। वहीं समायोजन के इच्छुक शिक्षक इसके लिए परेशान हैं।
30 जुलाई तक पूरी होनी है समायोजन की प्रक्रिया
शिक्षक बार-बार विभाग की साइट देख रहे हैं और अधिकारियों को कोस रहे हैं। विभाग की ओर से जारी समय सारिणी के अनुसार 30 जुलाई तक समायोजन की प्रक्रिया पूरी होनी है। किंतु यह संभव नहीं दिख रहा है। इस बारे में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कत से वजह से शिक्षकों की सूची अपलोड नहीं की जा सकी है। इसे जल्द ही पोर्टल पर अपलोड कर समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।