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UP: मानक के विपरीत उत्पाद बेचने पर 14 फर्मों के खाद्य तेलों पर प्रतिबंध, सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

Thu, 23 Apr 2026 10:29 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

प्रदेश में मानक के विपरीत खाद्य तेल बेचने पर 14 फर्मों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जांच में मिलावट, लेड तत्व और विटामिन की कमी पाई गई। सरकार ने उत्पादन, बिक्री और भंडारण पर रोक लगाई है। यह कदम उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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खाद्य तेल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मानक के विपरीत बिक्री पर प्रदेश में 14 फर्मों के खाद्य तेलों एवं अन्य उत्पादों पर पाबंदी लगा दी गई है। ये फर्में खाद्य तेल और वसायुक्त किसी भी उत्पाद को नहीं बना सकेंगी। इनके उत्पाद के बिक्री, भंडारण और वितरण पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई हैं। यह पाबंदी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डा. रोशन जैकब ने लगाया है।

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प्रदेश में खाद्य तेलों में मिलावट की लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। ऐसे में 23 फरवरी को प्रदेशभर में 58 अंतर जनपदीय टीमें लगाई गईं। इन टीमों ने 64 खाद्य तेल इकाइयों की जांच की गई। इसमें आठ बंद मिलीं। 56 इकाइयों से 206 नमूने लिए गए। करीब 6.43 करोड़ के 4.16 लाख लीटर तेल सीज किया गया। 

37 खाद्य तेल इकाइयों को सुधार की नोटिस दी गई। इन नमूनों की जांच भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत प्रयोगशालाओं में कराया गया। जांच में संबंधित नमूने असुरक्षित और अधोमानक पाए गए हैं। कुछ उत्पादों में लेड तत्व की अधिक मात्रा पाई गई है, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। 
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कई उत्पादों में अनधिकृत रूप से एक से अधिक खाद्य तेलों का मिश्रण किया गया। फोर्टिफाइड तेलों में विटामिन की मात्रा कम पाई गई, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था। 

ऐसे में इन इन कंपनियों के तेल और वसायुक्त उत्पादों पर राज्य की सीमा में प्रतिबंध लगा लगा दिया गया है। ये कंपनियां अपने उत्पाद अब उत्तर प्रदेश में बना नहीं सकेंगी। इसी तरह इनके भंडारण, बिक्री और वितरण पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

आयुक्त एफएसडीए डा. रोशन जैकब ने बताया कि खाद्य पदार्थ एवं वसा तेल में लेड तत्व की अधिक मात्रा सेहत के लिए हानिकारक है। यह कैंसर को बढावा देता है। फोर्टिफाइड खाद्य तेल/वसा के कम मात्रा में विटामिन आदि मिलाने का मतलब है कि उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा है। इसी तरह अलग- अलग पैरामीटर पर अधोमानक पाए गए हैं। ऐसे में इन सभी फर्मों पर प्रतिबंध लगाया गया है। सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

इन कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध

1. हिंद वेज ऑइल प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ - मस्टर्ड ऑयल, फोर्टिफाइड मल्टी सोर्स एडिबल आयल, फोर्टिफाइड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।
2. संकट मोचन एंटरप्राइसेस, लखनऊ- प्योर मस्टर्ड ऑयल, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, पामोलीन रिफाइंड ऑयल।
3.भीम श्री, प्रोडक्ट कानपुर नगर- मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।
4. एनआर उद्योग, कानपुर नगर- तिल ऑयल, अलसी ऑयल।
5.कटारिया एडिबल्स, कानपुर नगर- तिल ऑयल क्रूड।
6.वैभव एडिबल्स, कानपुर देहात- फोर्टिफाइड रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल, रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल, एडिबल वेजिटेबल ऑयल, फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।

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7. मंटोरा ऑयल प्रोडक्शन प्राइवेट लि., कानपुर देहात- फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल, मस्टर्ड ऑयल, फोर्टिफाइड रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल।
8. आगरा ऑयल- जनरल इंडस्ट्री लि, हाथरस- रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, मस्टर्ड ऑयल, फोर्टिफाइड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।
9.एनएम ऑयल कॉरपॉरेशन,आगरा- पामोलीन रिफाइंड ऑयल, मस्टर्ड ऑयल।
10. जीएस एग्रो फूड्स, मेरठ- इंटरस्ट्रीफाइड वेजिटेबल फैट।
11. जेपी एग्रो ऑयल, मेरठ- रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल।
12.राजेन्द्र कुमार सुशील चंद, मेरठ- रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, मस्टर्ड ऑयल।
13. केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट, प्रा लि, हापुड़- फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।
14. जय लक्ष्मी सोलवेंटस प्रा लि, गोरखपुर- सोलवेंट एक्सट्रेक्टेड क्रूड मस्टर्ड ऑयल।




 

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