मानक के विपरीत बिक्री पर प्रदेश में 14 फर्मों के खाद्य तेलों एवं अन्य उत्पादों पर पाबंदी लगा दी गई है। ये फर्में खाद्य तेल और वसायुक्त किसी भी उत्पाद को नहीं बना सकेंगी। इनके उत्पाद के बिक्री, भंडारण और वितरण पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई हैं। यह पाबंदी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डा. रोशन जैकब ने लगाया है।
आयुक्त एफएसडीए डा. रोशन जैकब ने बताया कि खाद्य पदार्थ एवं वसा तेल में लेड तत्व की अधिक मात्रा सेहत के लिए हानिकारक है। यह कैंसर को बढावा देता है। फोर्टिफाइड खाद्य तेल/वसा के कम मात्रा में विटामिन आदि मिलाने का मतलब है कि उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा है। इसी तरह अलग- अलग पैरामीटर पर अधोमानक पाए गए हैं। ऐसे में इन सभी फर्मों पर प्रतिबंध लगाया गया है। सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
1. हिंद वेज ऑइल प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ - मस्टर्ड ऑयल, फोर्टिफाइड मल्टी सोर्स एडिबल आयल, फोर्टिफाइड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।
2. संकट मोचन एंटरप्राइसेस, लखनऊ- प्योर मस्टर्ड ऑयल, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, पामोलीन रिफाइंड ऑयल।
3.भीम श्री, प्रोडक्ट कानपुर नगर- मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।
4. एनआर उद्योग, कानपुर नगर- तिल ऑयल, अलसी ऑयल।
5.कटारिया एडिबल्स, कानपुर नगर- तिल ऑयल क्रूड।
6.वैभव एडिबल्स, कानपुर देहात- फोर्टिफाइड रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल, रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल, एडिबल वेजिटेबल ऑयल, फोर्टिफाइड कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल, कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल।