प्रदेश के उपभोक्ताओं को दिसंबर माह के बिजली बिल में करीब 5.56 फीसदी अधिक बिल देना होगा। यह भार ईंधन अधिभार में हुई बढोतरी की वजह से पड़ेगा। पावर कॉरपोरेशन के नए आदेश के तहत दिसंबर माह में राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं से अब तक का सबसे अधिक ईंधन अधिभार वसूला जाएगा। सितंबर माह के ईंधन लागत अंतर को समायोजित करते हुए 5.56 फीसदी का ईंधन अधिभार लगाया गया है।
विज्ञापन
इससे दिसंबर माह में पावर कॉरपोरेशन लगभग 264 करोड़ की अतिरिक्त वसूली करेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर इस वर्ष ही लगभग 18,592 करोड़ का सरप्लस निकल रहा है, जबकि करीब 33,122 करोड़ का सरप्लस पहले से है। ऐसे में उपभोक्ताओं से ईंधन अधिभार की वसूली करना अनुचित। सरप्लस राशि से ही ईंधन अधिभार वसूली किया जाना चाहिए।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ट्रांसमिशन में लागू किए गए मांग आधारित टैरिफ को लागू करते समय यह दावा किया गया था कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा, लेकिन यह उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ बन गया है।