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यूपी: 23 महीने बाद जेल से निकले आजम, राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर; खुद चेहरे पर ओढ़ रखी थी रहस्यमयी चुप्पी

Tue, 23 Sep 2025 04:04 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, सीतापुर

सार

Azam Khan released from jail: सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां सीतापुर जेल से करीब 23 महीने बार रिहा हुए। जेल से उनकी रिहाई की परवाना सोमवार शाम छह बजे ही पहुंच गया था। 
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सीतापुर जेल से रिहा हुए आजम खां। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां 23 माह बाद मंगलवार दोपहर सवा बारह बजे जिला कारागार से रिहा हुए। सोमवार शाम करीब छह बजे उनकी रिहाई का परवाना जिला कारागार पहुंचा था। जेल मैन्युल के अनुसार उन्हें देर शाम छोड़ा नहीं जा सकता था। इस वजह से मंगलवार सुबह 7 बजे से 8 बजे का वक्त रिहाई के लिए तय हुआ। हालांकि आजम खां जिला कारागार के बाहर दोपहर करीब सवा बारह बजे ही आ सके। उनके बाहर आते ही कड़ी सुरक्षा में उन्हें रामपुर के लिए रवाना कर दिया गया।

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बता दें कि सोमवार शाम से ही आजम खां की रिहाई की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी की जिला इकाई के पदाधिकारियों के फोन घनघनाने लगे। सोमवार देर रात आजम खां के दोनों पुत्र अदीब व अब्दुल्ला सीतापुर पहुंचे। जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव व पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने दोनों के रुकने की व्यवस्था की। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे जिला इकाई सीतापुर, रामपुर व लखनऊ से समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व उनके समर्थक जिला कारागार के बाहर पहुंचने लगे। सबको उम्मीद थी कि सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच उन्हें अपने चहेते नेता आजम खां को देखने का मौका मिलेगा।

जेल गए तो मिली मायूसी

जेल से बाहर निकले आजम खां। - फोटो : amar ujala
सुबह सात बजे आजम खां के पुत्र अदीब जिला कारागार पहुंचे तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला। हालांकि वह जिला कारागार के भीतर जाने के कुछ देर बाद वापस लौट आए। पता चला कि रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में आजम खां की ओर से छह हजार रुपये का जुर्माना भरे जाने के बाद ही आजम खां की रिहाई हो सकेगी। इसके बाद उनके समर्थकों के खेमे में मायूसी छा गई। हालांकि समर्थक जिला कारागार के गेट पर ही डटे रहे। समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देखकर सुबह सवा सात बजे एएसपी उत्तरी आलोक सिंह पूरे दल बल के साथ जिला कारागार पहुंचे। शहर कोतवाली, रामकोट, खैराबाद, सकरन, बिसवां संग कुल आठ थानों से फोर्स जिला कारागार के बाहर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने समर्थकों से जेल के बाहर न खड़े होने को कहा। इसके बावजूद जेल के बाहर आजम के समर्थक उनके बाहर निकलने का इंतजार करते नजर आए। वहीं, आजम खां के दोनों पुत्र पूर्व विधाक अनूप गुप्ता के आवास पर रुके रहे।

11 बजे के बाद बढ़ती चली गई हलचल

सुबह करीब 11 बजे रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में छह हजार रुपये का जुर्माना भरे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एक ईमेल जिला कारागार पहुंचा। ईमेल जिला कारागार पहुंचते ही आजम खां की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई। यह खबर जैसे ही समर्थकों को मिली सब खुशी से चहक उठे। इसके बाद एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने जिला कारागार के मुख्य द्वार पर मोर्चा संभाला। ड्रोन उड़ाकर हालात का जायजा लिया गया। वहीं, जेल के दूसरे गेट से सफेद रंग की फाॅच्यूूर्नर यूपी 24 एसी 1555 अंदर गई। वाहन के साथ प्रशिक्षु आईपीएस विनायक भोंसले, एसडीएम सदर न्यायिक अभिनव यादव, सीओ बिसवां अमन सिंह व कुछ अन्य पुलिसकर्मी जेल के बड़े दरवाजे के पास अंदर पहुंचे। उनके साथ आजम खां के दोनों पुत्र अब्दुल्ला व अदीब भी मौजूद रहे। करीब सवा बारह बजे आजम खां मुस्कुराते हुए जेल के बाहर आए तो दोनों पुत्रों ने उनका अभिवादन किया। इसके बाद वह वाहन में बैठकर कड़ी सुरक्षा में रामपुर रवाना हो गए।
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पुलिस समझाती रहीं, न मानने पर किया 73 गाड़ियों का चालान

आजम खां के बाहर आते ही पुलिसकर्मी कड़ी सुरक्षा में उनके वाहन को लेकर आगे बढ़े। समर्थकों व स्थानीय निवासियों का हुजूम उनकी एक झलक पाने को बेताब नजर आया। पुलिस समझाती रही, लाठियां फटकारती रही लेकिन लोग नहीं माने। मजबूरन पुलिस ने नो पार्किंग में खड़े 73 वाहनों का चालान किया। करीब एक लाख 49 हजार रुपये का चालान किया गया।

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