जेल से बाहर निकले आजम खां।
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सुबह सात बजे आजम खां के पुत्र अदीब जिला कारागार पहुंचे तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला। हालांकि वह जिला कारागार के भीतर जाने के कुछ देर बाद वापस लौट आए। पता चला कि रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में आजम खां की ओर से छह हजार रुपये का जुर्माना भरे जाने के बाद ही आजम खां की रिहाई हो सकेगी। इसके बाद उनके समर्थकों के खेमे में मायूसी छा गई। हालांकि समर्थक जिला कारागार के गेट पर ही डटे रहे। समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देखकर सुबह सवा सात बजे एएसपी उत्तरी आलोक सिंह पूरे दल बल के साथ जिला कारागार पहुंचे। शहर कोतवाली, रामकोट, खैराबाद, सकरन, बिसवां संग कुल आठ थानों से फोर्स जिला कारागार के बाहर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने समर्थकों से जेल के बाहर न खड़े होने को कहा। इसके बावजूद जेल के बाहर आजम के समर्थक उनके बाहर निकलने का इंतजार करते नजर आए। वहीं, आजम खां के दोनों पुत्र पूर्व विधाक अनूप गुप्ता के आवास पर रुके रहे।
सुबह करीब 11 बजे रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में छह हजार रुपये का जुर्माना भरे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एक ईमेल जिला कारागार पहुंचा। ईमेल जिला कारागार पहुंचते ही आजम खां की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई। यह खबर जैसे ही समर्थकों को मिली सब खुशी से चहक उठे। इसके बाद एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने जिला कारागार के मुख्य द्वार पर मोर्चा संभाला। ड्रोन उड़ाकर हालात का जायजा लिया गया। वहीं, जेल के दूसरे गेट से सफेद रंग की फाॅच्यूूर्नर यूपी 24 एसी 1555 अंदर गई। वाहन के साथ प्रशिक्षु आईपीएस विनायक भोंसले, एसडीएम सदर न्यायिक अभिनव यादव, सीओ बिसवां अमन सिंह व कुछ अन्य पुलिसकर्मी जेल के बड़े दरवाजे के पास अंदर पहुंचे। उनके साथ आजम खां के दोनों पुत्र अब्दुल्ला व अदीब भी मौजूद रहे। करीब सवा बारह बजे आजम खां मुस्कुराते हुए जेल के बाहर आए तो दोनों पुत्रों ने उनका अभिवादन किया। इसके बाद वह वाहन में बैठकर कड़ी सुरक्षा में रामपुर रवाना हो गए।
आजम खां के बाहर आते ही पुलिसकर्मी कड़ी सुरक्षा में उनके वाहन को लेकर आगे बढ़े। समर्थकों व स्थानीय निवासियों का हुजूम उनकी एक झलक पाने को बेताब नजर आया। पुलिस समझाती रही, लाठियां फटकारती रही लेकिन लोग नहीं माने। मजबूरन पुलिस ने नो पार्किंग में खड़े 73 वाहनों का चालान किया। करीब एक लाख 49 हजार रुपये का चालान किया गया।