यूपी एटीएस ने जाली नोटों का धंधा करने वाले पश्चिम बंगाल के शातिर सदर अली को नोएडा से गिरफ्तार किया है। सदर अली पर 25 हजार रुपये का इनाम आईजी एटीएस ने घोषित किया था। एटीएस को सदर की तलाश पांच महीनों से थी।
एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी ने बताया कि पिछले साल 1 नवंबर को तहसीन खान और वसीम खान नाम के दो युवकों को करीब छह लाख के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। तहसीन और वसीम को जाली मुद्रा सदर अली और उसकी पत्नी मुमताज बेगम देती थी। तहसीन और वसीम के पकड़े जाने के बाद से सदर और उसकी पत्नी फरार चल रही थी। अब सदर अली जो मालदा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है, उसे नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। एटीएस की ओर से बताया गया है कि सदर अली जाली भारतीय मुद्रा उत्तर प्रदेश, हरियाणा व एनसीआर के क्षेत्रों में लोगों को सप्लाई करता था। यह जाली नोट पाकिस्तान में बनाए जाते हैं और बांग्लादेश के रास्ते भारत में सप्लाई होती है। अब एटीएस आरोपी सदर को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करेगी।
पहले भी गिरफ्तार हो चुका है सदर अली
एटीएस की ओर से बताया गया है कि सदर अली पूर्व में भी 2010 में चार लाख रुपये की जाली मुद्रा के साथ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से गिरफ्तार हो चुका है। जहां तीन महीने बाद उसे जमानत मिल गई थी। 2010 में ही उसे दोबारा डेढ़ लाख रुपये के जाली नोट के साथ दबोचा गया था।