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UP News: एटीएस ने तीन अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार, 20 करोड़ की विदेशी फंडिंग के मिले सुराग

Thu, 12 Oct 2023 06:47 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मानव तस्करी सिंडीकेट में शामिल तीन बांग्लादेशी नागरिकों को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है। एटीएस ने खुलासा किया है कि इस सिंडीकेट को विदेश से 20 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी, जिसमें से 1.50 करोड़ रुपये गिरफ्तार हुए तीनों बांग्लादेशी नागरिकों के खाते में भेजे गये थे।
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विस्तार
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मानव तस्करी सिंडीकेट में शामिल तीन बांग्लादेशी नागरिकों को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है। एटीएस ने खुलासा किया है कि इस सिंडीकेट को विदेश से 20 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी, जिसमें से 1.50 करोड़ रुपये गिरफ्तार हुए तीनों बांग्लादेशी नागरिकों के खाते में भेजे गये थे। इस रकम का इस्तेमाल बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार कराकर भारत लाने और उनकी भारतीय नागरिकता के कूटरचित दस्तावेज बनाने में किया गया।

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एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि एटीएस की वाराणसी यूनिट को सूचना मिली थी कि इस सिंडीकेट का एक सदस्य आदिल मोहम्मद असरफी उर्फ आदिल उर रहमान पश्चिम बंगाल से दिल्ली या सहारनपुर जाने की फिराक में है। एटीएस की टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उसे वाराणसी में दबोच लिया। उसके पास से कूटरचित आधार कार्ड और पासपोर्ट बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि ये दस्तावेज उसे पश्चिम बंगाल निवासी शेख नजीबुल हक और अबु हुरायरा गाजी की मदद से मिले थे। दोनों वर्तमान में सहारनपुर में निवास कर रहे हैं। इस पर एटीएस ने सहारनपुर से उन दोनों को भी हिरासत में ले लिया। तीनों को लखनऊ लाकर सख्ती से पूछताछ की गयी, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। जिसके बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

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कई बांग्लादेशी नागरिकों को कराई घुसपैठ
सहारनपुर से पकड़े गए दोनों बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हबीबुल्लाह मस्बाह उर्फ नजीब के कूटरचित दस्तावेज भी बनवाए थे। हबीबुल्लाह को कुछ दिन पहले सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय बार्डर से मानव तस्करी कराने का गुनाह कबूली। उनके पास से एक बांग्लादेशी महिला को पेत्रोपॉल अंतरराष्ट्रीय बार्डर (भारत-बांग्लादेश) से घुसपैठ कराने के साक्ष्य भी मिले।

एनजीओ के जरिए आई रकम
जांच में सामने आया कि विदेशों से कुछ एनजीओ के एफसीआरए अकाउंट में 20 करोड़ रुपये भेजे गए थे। यह रकम मदरसों और स्कूलों के लिए आई थी। इसका इस्तेमाल मानव तस्करी में हो रहा था। यह सिंडीकेट अवैध घुसपैठ कराने, कूटरचित दस्तावेज बनवाने, शरण देने और भारत विरोधी गतिविधियों में विदेशी धन का उपयोग कर रहा था। एटीएस इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।

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