राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
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भाषा को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। विपक्ष के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। दरअसल, दोपहर 12.30 बजे के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू कराते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भाषागत बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब सदन की कार्यवाही पांच भाषाओं में सुनी जा सकती है। शून्य नंबर पर सदन की भाषा है, जबकि एक नंबर पर अवधी, दूसरे पर भोजपुरी, तीसरे पर ब्रज, चौथे पर बुंदेली और पांचवे पर अंग्रेजी है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि लंबी लड़ाई के बाद अंग्रेजी को सदन से बाहर किया गया। यह हिंदी को कमजोर करने का प्रयास है। ज्यादा जरूरी है तो अंग्रेजी के बजाय उर्दू भाषा भी रखी जाए। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम क्षेत्रीय भाषा को बढा़वा देना चाहते हैं। भाषा को समद्ध करने के प्रयास का स्वागत किया जाना चाहिए। सरकार इन भाषाओं की एकेडमी बना रही है। विरोध की निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उर्दू की वकालत करना सपा का दोहरा चरित्र उजागर करता है।
- उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (संशोधन) अध्यादेश 2025 (उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या 1 सन 2025)
- संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (संशोधन) अध्यादेश 2025 (उत्तर प्रदेश अध्यायदेश संख्या 2, 2025)।
- राज्य खाद्य आयोग के वर्ष 2017-18 से वर्ष 2023-24 तक के क्रियाकलापों की वार्षिक रिपोर्ट।
- खाद्य तथा ग्रामोद्योग बोर्ड का 2017-18 और 2018-19 की संकलित आर्थिक विवरण।
-राज्य सड़क परिवहन निगम के वर्ष 2018 से 2021 का वार्षिक लेखा विवरण।