यूपी विधानसभा में बोलते नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय।
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सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सपा सदस्यों ने विधानभवन के मुख्य द्वार पर अरावली पर्वतमाला का मामला उठाते हुए प्रदर्शन किया। सपा सदस्य अतुल प्रधान ने सेव अरावली लिखा पोस्टर लेकर मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि देश में पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। सरकार अपने उद्योगपति दोस्तों के लिए सब दांव पर लगा रही है। पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी से यह साबित हो चुका है कि सरकार का पर्यावरण संरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। सपा अरावली पर्वत शृंखला को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही अनुपूरक बजट पास होने के बाद बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। अंतिम दिन दोनों सदनों में राज्य सरकार ने विधायी कार्य निपटाए।
यूपी विधानसभा सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ।
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। प्रश्नकाल के दौरान सपा के अनिल प्रधान द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि विपक्ष को बिजली से नहीं, श्रीराम और वंदे मातरम से समस्या है। प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में जो काम दशकों से नहीं हुए, उसे हम पूरा कर रहे हैं। बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तारों को आप छोड़कर गए थे। हम तो एक-एक मजरे को तलाश कर बिजली मुहैया करा रहे हैं। जल्द पूरे प्रदेश में कहीं भी बांस पर बिजली के तार नजर नहीं आएंगे।
ऊर्जा मंत्री ने इससे पहले सपा सदस्य रागिनी सोनकर द्वारा बिजली की मांग और उत्पादन में असमानता के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सपा सदस्य बाहर कुछ बोलते हैं और अंदर जो लिखकर आते हैं, उसे बोलते हैं। कोई बिजली देखने वाला चश्मा हो तो सपा सदस्यों को दे दिया जाए। अदाणी ग्रुप से महंगी दरों पर बिजली खरीदने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा सरकार ने 11 साल पहले इससे एक रुपये यूनिट महंगी बिजली खरीदने का अनुबंध किया था, जिसका खमियाजा विभाग आज तक भुगत रहा है। सपा सरकार में 13 हजार मेगावाट बिजली की मांग रहती थी, हम 30 हजार मेगावाट की रिकॉर्ड आपूर्ति कर चुके हैं। बिजली का उत्पादन 5875 मेगावाट से बढ़ाकर 11,760 मेगावाट किया है।
स्मार्ट मीटर के दाम तय करेेगा आयोग
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर स्मार्ट फोन की तरह आधुनिक तकनीक है, जो उपभोक्ताओं की सहूलियतों में इजाफा करेगा। इससे किसी को परेशान नहीं होना चाहिए। जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वहां 5 फीसद पुराने मीटर चेकिंग के लिए छोड़ दिए जाते हैं ताकि दोनों की रीडिंग की तुलना की जा सके। किसी भी पुराने उपभोक्ता से स्मार्ट मीटर लगाने का पैसा नहीं लिया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के दाम नियामक आयोग द्वारा तय किया जाएगा। जिन नए उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर का पैसा ले रहे हैं, यदि आयोग मीटर के दाम कम तय करेगा तो उनके बिल में अतिरिक्त राशि समायोजित की जाएगी। वहीं निजीकरण पर बोले कि इस बाबत अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जो भी निर्णय होगा, वह व्यापक हित में लिया जाएगा। वहीं सपा सदस्य शिवपाल सिंह यादव द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में दिन और रात में 10-10 घंटे बिजली देने की मांग की गई, हालांकि इस पर ऊर्जा मंत्री ने जवाब नहीं दिया।