यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना।
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यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव पर टिप्पणी को लेकर सदन में मचे हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में जो कुछ हुआ उसे नहीं होना चाहिए था। सदन चलाने की जिम्मेदारी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की है। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दे दिया था।
दरअसल, सोमवार को विधानसभा में सपा सदस्य समरपाल सिंह ने प्राइवेट डॉक्टरों के परामर्श शुल्क और जांच आदि के रेट एक समान करने और मनचाही वृद्धि को रोकने के बारे में सवाल किया था। उन्होंने मुरादाबाद की एक घटना का जिक्र भी किया था। जहां ब्राइट स्टार अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के जरिये इलाज कराने वाले दिलशाद उर्फ नौशे की मृत्यु के बाद अस्पताल ने 50 हजार रुपये का भुगतान हुए बिना शव देने से इन्कार कर दिया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
समरपाल ने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) हमेशा पढ़ाई और दवाई सस्ती होने की हिमायत करते थे। इस पर ब्रजेश पाठक ने पलटवार करते हुए बगैर किसी का नाम लिए कहा कि आपने जिनका नाम लिया है, अगर उनकी सारी बातें मानते हो तो उन्होंने दुष्कर्म के मुद्दे पर जो टिप्पणी की थी उसे भी मानो।
यह सुनते ही सपा सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया ओर वेल में आकर हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे कहा कि आप बता दीजिए कि स्वास्थ्य मंत्री ने क्या आपत्तिजनक टिप्पणी की है, मैं उसे सदन की कार्रवाई से निकलवा दूंगा। उन्होंने सपा सदस्यों से वापस अपनी जगह पर जाने और प्रश्नकाल को जारी रखने में सहयोग की अपील की।