UP Budget Session: यूपी विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान सपा सदस्यों ने हंगामा किया।
विधानमंडल के बजट सत्र की सोमवार को शुरुआत से पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों का बखान करना शुरू ही किया था कि समाजवादी पार्टी के सदस्य नारे लिखे पोस्टर और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीरें लेकर वेल में आ गए और हंगामा करने लगे। करीब 35 मिनट के राज्यपाल के संबोधन के दौरान सपा सदस्य लगातार हंगामा करते रहे। हालांकि राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ना जारी रखा।
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राज्यपाल के विधानसभा के मुख्य मंडप में आने से पहले ही सपा सदस्य लगातार नारेबाजी कर रहे थे। करीब 11 बजे राज्यपाल के आने पर संयुक्त अधिवेशन की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद 11:05 बजे विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल से अभिभाषण पढ़ने का अनुरोध किया तो सपा सदस्य संग्राम सिंह मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के मुद्दे पर अपनी बात कहने लगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनसे कहा कि सत्र के दौरान सबको हर मामले पर अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। हालांकि सपा सदस्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया और सभी वेल में आकर 'गवर्नर मैडम गो बैक' का नारा लगाने लगे। सपा सदस्यों के शोर मचाने पर राज्यपाल ने कहा कि इतना चिल्लाने से गला बैठ जाएगा। सपा सदस्य भाषण बंद करो के नारे लगाते रहे, जबकि भाजपा और उसके सहयोगी दल राज्यपाल द्वारा गिनाई जा रहीं प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का मेज थपथपाकर सराहना करते रहे।
राज्यपाल ने कसा तंज, आपके समय जीरो था
राज्यपाल ने प्रदेश के 121 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर और 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना का जिक्र करने के दौरान सपा सदस्यों के शोरगुल पर तंज कसते हुए कहा कि आपके समय में यह सब जीरो था। उन्होंने आगे कहा कि पांच साल तक जीरो पर ही रहे। उन्होंने हाथ से जीरो की आकृति बनाकर सपा सदस्यों को आईना दिखाते हुए कुछ और भी कहा, जिसके बाद सपा सदस्यों ने तेज आवाज में हूटिंग शुरू कर दी। इसकी वजह से राज्यपाल की बात नहीं सुनी जा सकी।
हंगामे में शामिल नहीं हुईं पल्लवी पटेल
सपा सदस्यों द्वारा हंगामा करने के दौरान विधायक पल्लवी पटेल अपनी जगह पर बैठी रहीं। उन्हें कई बार सपा सदस्यों ने वेल में आने को कहा, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। वहीं सपा के बागी विधायक भी अपनी जगहों पर बैठे रहे।
मजबूत कानून-व्यवस्था से प्रशस्त हुआ 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव का रास्ता
सदन में पहले दिन सपा विधायकों का जमकर हंगामा
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था की बदौलत राज्य सरकार को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इसी वजह से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में कानून-व्यवस्था को राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता बनाया गया है। प्रदेश सरकार ने अपराध पर काबू पाने के लिए पुलिस को खुली छूट देने के साथ बीते नौ साल में गृह विभाग के बजट में 150 फीसद की वृद्धि की है।
अभिभाषण में खासकर माफिया पर हुई कार्रवाई का ब्योरा दिया गया है। प्रदेश पुलिस ने नवंबर 2019 से अब तक 35 माफिया और उसके 94 सहयोगियों को अलग-अलग मुकदमों में आजीवन कारावास समेत अन्य सजाओं से दंडित कराने में सफलता हासिल की है। बीते नौ वर्ष के दौरान कुल 267 अपराधी मुठभेड़ में ढेर किए गए। इसके अलावा 977 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की गई। वहीं माफिया और अपराधियों की 4137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया गया है। वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बीते नौ वर्ष के दौरान 999 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए गए, जिसमें 2081 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
148 आतंकवादी हुए गिरफ्तार
एटीएस द्वारा बीते नौ वर्ष के दौरान 148 आतंकवादी गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा 186 रोहिंग्या, बांग्लादेशी, पाकिस्तानी व अन्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी की गई।
2.19 लाख भर्तियां हुईं
बीते नौ वर्ष के दौरान पुलिस विभाग में 2.19 लाख भर्तियां की गईं। इसके अलावा 1.58 कर्मियों को पदोन्नत किया गया। वर्तमान में 83,122 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा होमगार्ड स्वयंसेवकों के 41,424 पदों को भरने के लिए एनरोलमेंट किया गया है।
महिला अपराध पर सख्ती
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए 81 फास्ट टैक कोर्ट के स्थायीकरण की कार्यवाही की गई। साथ ही 8 नई विधि विज्ञान प्रयोगशालों की स्थापना की गई। वहीं 6 प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है।
- यूपी 112 का रिस्पांस टाइम वर्ष 2017 की तुलना में सुधारा गया। वर्ष 2025 में इसे 25 मिनट 42 सेकंड से घटाकर 6 मिनट 51 सेकंड किया गया।
- वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने थे। वर्तमान में सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थानों की स्थापना की जा चुकी है।
- प्रदेश की जेलों में 10,257 बंदियों की क्षमता की वृद्धि का कार्य बीते वर्ष अक्तूबर माह में पूरा किया गया।
- वर्ष 2025 ें कुल 1010 बंदियों की समय पूर्व रिहाई की गई।