फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'सभी सेवारत शिक्षकों पर टीईटी लागू करना सही नहीं'...शिक्षा मंत्री से मिला महासंघ प्रतिनिधिमंडल

Thu, 08 Jan 2026 09:53 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

टीईटी को सभी सेवारत शिक्षकों पर लागू करने के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। संगठन ने कहा कि इससे लाखों शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा प्रभावित होगी। 
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में मिलकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मामले में शिक्षकों को राहत देने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने सभी सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने पर गहरी चिंता जताई।

विज्ञापन


यदि इसको पूर्ण रूप से लागू किया गया, तो इससे देश भर के लगभग 12 लाख शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति व आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। एबीआरएसएम के अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि एनसीटीई की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि कक्षा एक से 8वीं तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताएं अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होंगी। इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट रहेगी।

शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से इस मामले में अधिकारियों को समुचित व आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, जी लक्ष्मण, महेंद्र कुमार, शिवानंद सिंदनकेरा, प्रो. महेंद्र श्रीमाली, हनुमंत राव, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ यूपी के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावी, प्रदेश महामंत्री जोगेन्द्र पाल सिंह, आदि शामिल थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें