असीम अरुण ने बताया कि नागपुर के अलावा कानपुर और आगरा में भी रक्षा से संबंधित एक महिला वैज्ञानिक और एक अधिकारी के यहां भी तलाशी ली गई है। यहां से कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल जब्त किए गए हैं। इनका अभी परीक्षण चल रहा है।
असीम अरुण ने बताया कि फिलहाल इन लोगों के पास से अब तक कोई आपत्तिजनक चीजें या गोपनीय सूचनाएं लीक करने के बारे में सुबूत नहीं मिले हैं। बरामद किए गए कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन दोनों ही लोगों द्वारा अब तक फेसबुक चैटिंग के अलावा और कोई बात सामने नहीं आई है।
गुप्तचर एजेंसियों का दावा है कि निशांत ने कई अहम सूचनाएं पाकिस्तान में आईएसआई को मुहैया कराई है। लेकिन एटीएस इसकी अभी छानबीन कर रही है। असीम अरुण ने बताया कि वह खुद इंजीनियर है और गोपनीय तरीके से सूचनाओं को लीक करने का शक है। ऐसे में अभी निशांत के पास से सुबूत इकट्ठा किया जा रहा है।
युवा वैज्ञानिक का मिल चुका है अवार्ड
जानकारी के अनुसार निशांत को वर्ष 2017 में युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार मिल चुका है। वह ब्रहमोस में 31 जुलाई 2013 से काम कर रहा था। ब्रह्मोस से पहले वह इंडियन आयल कार्पोरेशन, मुम्बई में कार्यरत था।