उन्होंने कहा है कि एक तो उन्हें बिना किसी तथ्य और आधार के जबरदस्ती सेवानिवृत्त कर दिया गया। वहीं उन्हें अभी तक पेंशन और अन्य देयकों का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि उन्होंने इस प्रक्रिया में एक दिन की भी देरी नहीं की है।
अमिताभ ठाकुर ने जबरिया सेवानिवृत्ति के तीन माह बाद भी पेंशन व अन्य देय का भुगतान न करने पर लोकायुक्त के यहां अपर मुख्य सचिव गृह व डीजीपी के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। उन्होंने कहा है कि एक तो उन्हें बिना किसी तथ्य और आधार के जबरदस्ती सेवानिवृत्त कर दिया गया। वहीं उन्हें अभी तक पेंशन और अन्य देयकों का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि उन्होंने इस प्रक्रिया में एक दिन की भी देरी नहीं की है।
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अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि पेंशन उनके खिलाफ लंबित विभागीय कार्रवाई के आधार पर रोकी गई है। जबकि सच्चाई यह है कि उनके खिलाफ 2015-16 में चार विभागीय कार्रवाई शुरू की गईं। इन सभी में उन्होंने हर स्तर पर सहयोग किया। इसके बाद भी शासन स्तर पर की गई लापरवाही के कारण यह सभी विभागीय कार्रवाई अभी तक लंबित है। उन्होंने कहा कि इन विभागीय कार्रवाई के नाम पर उनकी प्रोन्नति रोकी गई और अब इनके नाम पर पेंशन भी रोकी जा रही है। इसलिए उन्होंने लोकायुक्त से इस अनुचित देरी के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रार्थना की है।