बोर्ड अध्यक्ष ने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि यह हमारी पीढ़ियों की अमानत है। इसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जेपीसी उन संगठनों से राय ले रही है जिसका वक्फ से कोई मतलब नहीं है।
सीरिया के हालात पर चिंता
बोर्ड ने इस्राइल और फलस्तीन युद्ध और सीरिया में हुए राजनीतिक बदलाव पर चिंता जाहिर करते हुए गाजा में नरसंहार को तुरंत रोकने की मांग की। मौलाना यासूब ने कहा कि सीरिया में अल्पसंख्यकों, विशेषकर शिया समुदाय और उनके पवित्र स्थलों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ और मानवाधिकार संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वो सीरिया के पवित्र स्थल हजरत जैनब और हजरत सकीना के रौजों और वहां के शिया समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करें। बैठक में मौलाना जहीर अब्बास, मौलाना डॉ. अनवर हुसैन रिजवी, मौलाना जाफर अब्बास, मौलाना एजाज अतहर, मौलाना सैयद इंतिजाम हैदर रिजवी, मौलाना मूसा रिजवी आदि शामिल हुए।