मृतक के भतीजे ने किया अंतिम संस्कार।
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पिता का कत्ल करने के बाद भी आरोपी अक्षत के चेहरे पर कोई सिकन नहीं दिखी। वह बिल्कुल सामान्य नजर आया। ऐसा लग रहा था कि उसने कोई अपराध ही नहीं किया हो। पूछताछ में भी उसने पुलिस को पूरी कहानी खुलकर बता दी। बुधवार को जब उसे पुलिस कोर्ट लेकर जा रही थी, तब भी आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला।
अक्षत ने पुलिस को बताया कि उसने मानवेंद्र के हाथ और पैर काटकर उसे पॉलिथीन में भरा था। इसके बाद नादरगंज इलाके में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। धड़ को नीले ड्रम में भरकर घर में छिपाकर रखा था। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने खुद पिता की गुमशुदगी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी ने ट्रांसपोर्टनगर रेलवे ट्रैक के पास कूड़े में दो चाकू और आरी फेंक दी थी। यही नहीं, अनौरा के जंगल में जाकर चादर और बिस्तर जला दिया था।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल राइफल, एक कारतूस, तीन खोखा, कारतूस की एक पेटी, खून से सना कॉटन, दो आरी, दो चाकू, एक नीला ड्रम, खून से सनी रजाई, एक कालीन, आरोपी का खून से सना कपड़ा, चादर और प्लास्टिक की पन्नी बरामद की है।