सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने करोड़ों की जो धनराशि गोरखपुर के राजघाट के निर्माण के लिए निकाली थी, उसमें से सिंचाई विभाग ने भाजपा नेताओं के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के खेत सींच लिए हैं। निर्माण की इस दुर्गति के पीछे कमीशनखोरी ही जिम्मेदार है, जिसने दो अधिवक्ताओं की असामयिक जान ले ली है।
अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि इधर भाजपा सरकार में ये देखा जा रहा है कि मृतकों के परिजनों के घाव पर नमक छिड़कने का काम लगातार किया जा रहा है। भाजपा नेता याद रखें अब जनता न तो भाजपा वालों के भाषण सुनने के मूड में है, न उनके बयान। निर्माण में संलिप्त अधिकारियों व गैरजिम्मेदार बयानबाजी पर अगर अधिकारियों का निलंबन नहीं हुआ तो माना जाएगा कि वे अपने मुखिया और सांसद के कहने पर ऐसा भ्रष्ट काम कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का हाल यह है कि अगर लोगों को पता चल जाए कि यह निर्माण भाजपाकाल में हुआ है तो जनता छतरी और द्वार के नीचे जनता खड़ी नहीं होती है। जनता पानी की टंकी देखकर दूर भागती है। भाजपाकाल में निर्मित सड़क, हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर नहीं चलती है।
कक्षा-1 की छात्रा को दी दो लाख की मदद
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को बलिया की बच्ची रागिनी राजभर से मुलाकात की। सपा अध्यक्ष ने बच्ची के पैर के इलाज के लिए समुचित चिकित्सकीय सहायता के अलावा उसे 2 लाख रुपये की मदद भी दी। उसकी पढ़ाई अब बांसडीह, बलिया के बीएन इंटर नेशनल स्कूल में होगी। कक्षा एक की छात्रा रागिनी राजभर दुर्घटना में एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद पढ़ाई के लिए रोजाना 400 मीटर दूर एक पैर से स्कूल कूद-कूद कर जाती है।