गोरखपुर में रोशनी जाना बनेगा स्वास्थ्य मंत्री का विभाग छीनने का आधार
अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है। मुख्यमंत्री जब गोरखपुर आते हैं तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ करके चले जाते हैं। यहां तो चिराग तले अंधेरा है। स्वास्थ्य मंत्री को भी यह यह समझ लेना चाहिए कि इसे अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीनने का आधार बनाया जा रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई करेगा चुनाव आयोग
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को हमारे प्रतिनिधिमंडल ने जो ज्ञापन सौंपा है, वो एक ऐसी उम्मीद है है जो हर इंसान के अंदर बैठे जमीर से दुनिया हमेशा करती आई है। कभी-कभी सत्ताधारी दल के लोग अधिकारियों को गलत करने पर मजबूर भी करते हैं। बचपन में हमने ‘पंच परमेश्वर’ की जो कहानी सुनी थी, उस पर हमारा एतबार आज भी कायम है।
एसआईआर में फार्म 7 की अनगिनत धांधलियों और गड़बड़ियों को लेकर हमारी जो आपत्तियां और ठोस सुबूत हैं, उनका संज्ञान लेकर चुनाव आयोग न्यायसंगत निर्णय लेगा। इस अपराध के लिए कानूनी कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी करेगा, ये हमारा अटूट विश्वास है।
पीडीए के वोट काटने के मुद्दे पर सपा पहुंची चुनाव आयोग
सपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से काटने की शिकायत की है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसा सुल्तानपुर, सिकंदरपुर, सरोजनीनगर, जसवंतनगर, अयोध्या, प्रतापगढ़, सकलडीहा, विधूना, नगीना, नहटौर, भोजीपुरा, फर्रूखाबाद, मथुरा, कुंदरकी और शामली विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया गया है। फर्जी हस्ताक्षर और दबाव के माध्यम से फार्म-7 जमा किए जा रहे हैं।
सपा का आरोप है कि भाजपा द्वारा सुनियोजित तरीके से पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। कई स्थानों पर निरक्षर व्यक्तियों के फर्जी हस्ताक्षर का प्रयोग किया गया है, जबकि कुछ मामलों में बीएलओ पर दबाव बनाकर या जबरन हस्ताक्षर करवाकर फार्म-7 जमा कराए गए हैं। जसवंतनगर में एक बीएलओ ने भाजपा नेताओं पर जबरन हस्ताक्षर कराने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की तहरीर दी है। इसी तरह, अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी बीएलओ और मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार और धमकी की घटनाएं सामने आई हैं।
चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि समाजवादी पार्टी द्वारा लगातार शिकायतें और ज्ञापन दिए जाने के बावजूद भारत निर्वाचन आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग, प्रशासन और भाजपा के गठजोड़ से लॉजिकल एरर के नाम पर पीडीए मतदाताओं को नोटिस भेजने का नया खेल खेला जा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि फार्म-7 से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा ही शुरू की जाए और प्रतिदिन सार्वजनिक रूप से डाटा जारी किया जाए कि किस विधानसभा क्षेत्र, किस बूथ पर, किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ और किसने किस आधार पर आवेदन किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं काटा जाएगा। फॉर्म-7 पर बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और मतदाता व आवेदक को नोटिस रिसीव कराई जाएगी। इस अवसर पर विधायक कमाल अख्तर, डॉ. आरके वर्मा , मनोज पारस, शहजिल इस्लाम आदि मौजूद रहे। सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने ज्ञापन की रूपरेखा सामने रखी।