अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, “ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय है। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया, अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्रता की बात प्रसारित हो रही है। इसके राजनीतिक आकाओं को ये सब मंजूर होगा, हमें अंश मात्र भी स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में संबंधित व्यक्ति के सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग की। साथ ही पोस्ट के अंत में लिखा, “अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे।”
अखिलेश बोले-भाजपा के जाने पर ही बनारस मुस्कुराएगा
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। वह एमएलसी चुनाव में जीत के बाद पहली बार काशी आए। उनका विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचा। जहां अपने नेता की अगवानी लिए भारी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं समर्थक पहुंचे थे।
इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के जाने पर ही बनारस मुस्कुराएगा। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी और शहर में फैली गंदगी को लेकर भी मौजूदा सरकार की आलोचना की।
अखिलेश यादव ने रोपवे और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन परियोजनाओं के सहारे पूरे पूर्वांचल को जीतने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले धोखा देने वाले लखनऊ वाले ही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जाने के बाद नौजवान, किसान सहित सभी वर्ग खुशहाल रहेंगे।