Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के अयोध्या दौरे पर कटाक्ष करते हुए उन्हें कमजोर बताया है। इसके पहले सीएम ने उन्हें संतों से माफी मांगने की सलाह दी थी।
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अयोध्या का राजनीतिक पर्यटन करनेवालों ने भगवान राम के पिता के बारे में अपशब्द कहनेवालों पर कुछ बोला या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि इनका प्रभाव इतना कम हो गया है कि बोलने की हिम्मत ही नहीं हुई। इतने कमज़ोर होकर विदा होना अच्छा नहीं।
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उठाया चंदा चोरी का मामला
एक और पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा- 'अयोध्या वाले माननीय मुख्यमंत्री जी से पूछ रहे हैं कि चढ़ावा-चंदा-दान चोरी के मामले में “दूध का दूध, पानी का पानी” कब होगा? होगा भी या नहीं होगा? हमने तो पहले ही इस मामले में कहा था कि जाँच की लीपापोती का परिणाम निकलेगा। शाख को माफ़ी, फुनगी को फाँसी!राम मंदिर के धर्म-धन चोरी के मामले में यही हुआ है। यहां सरगना अभी भी बरक़रार है और उनके सेवक गिरफ़्तार हैं। ‘अयोध्या भाजपा के भ्रष्टाचार से प्रताड़ित, दुख, अपमानित’ है। अयोध्या की तो पूरी नगरी ही ‘पीडीए’ बन गई है। विधानपरिषद में वाराणसी में भाजपा को डबल ज़ीरो मिला है, अयोध्यावासी विधानसभा में भाजपा का स्कोर पाँच ज़ीरो करके हमेशा के लिए विदा कर देंगे।
अखिलेश यादव पर किया था हमला
सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि सुनने में आया है कि कुछ लोग अयोध्या आना चाहते हैं। लेकिन अयोध्या आने से पहले वह साधु संतों से माफी मांग लें। यह वही लोग हैं जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलावाई थीं।