रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
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4. मेरे अंजाम से सीख लेनी चाहिए
आजम खां ने कहा, सभी को मुझसे सबक लेना चाहिए। तनखैया कहने पर सदस्यता जा सकती है। तीन वर्ष की सजा हो सकती है। मुर्गी चोरी कराने में मुझे 21 वर्ष की और 36 लाख का जुर्माना हो सकता है तो फिर दूसरे लोग माहौल क्यों खराब कर रहे हैं? नफरतों के बाग सजाने की क्या जरूरत है? इससे कमजोर मुसलमानों का बड़ा नुकसान होगा। हम पर तरस खाएं। अल्लाह के वास्ते हम पर रहम खाएं। हमें बर्बाद न करें।
5 . देश की दूसरी बड़ी आबादी के साथ इंसाफ करें
आजम खां ने कहा, टुकड़े हो जाएं। क्यों चाहते हैं हमारे घर में आग लग जाए। तो उनसे मेरी दरख्वास्त है, अल्लाह के वास्ते मेरी दरख्वास्त है कि एक चरण बचा है अभी बिहार का, तो अपने थोड़े से किसी इंटरेस्ट के लिए देश की दूसरी बड़ी आबादी के साथ इंसाफ करें। जब राजनीतिक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक कुछ भी ठीक नहीं होगा।
6. सवाल मत पूछिये उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर है
आजम खां ने कहा, मैं भूमाफिया होता तो लखनऊ में मेरे पास भी कोठी होती। रामपुर में जहां रहता हूं बारिस में पानी भर जाता है। तंज करते हुए कहा कि सवाल मत पूछिये उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर है। उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी जंगलराज है। इसके चलते वे वहां चुनाव प्रचार करने नहीं गए। जानवरों से लड़ने और जिनके पास सक्षम हथियार हैं, वही लोग वहां गए। उनके पास कोई सुरक्षा नहीं है।
इस मुलाकात में आजम खां के बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद रहे।
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