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UP : एक महीने में दूसरी बार मिले अखिलेश-आजम, सपा की भावुक पोस्ट; आजम बोले-दामन फैलाएंगे तो आंसुओं से भर जाएगा

सार

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां ने शुक्रवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान उनके बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। इसकी तस्वीर सपा ने अपने एक्स हैंडल से शेयर की। 

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अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। यूपी की राजनीति तब गर्मा गई तब अखिलेश ने आजम खां के साथ एक फोटो एक्स अकाउंट से शेयर की। फोटा के नीचे दो लाइन का कैप्शन लिखा- 'न जाने कितनी यादें संग ले आए, जब वो आज हमारे घर पर आए...ये जो मेलमिलाप है यही हमारी साझा विरासत है।'
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इस मुलाकात में आजम खां के बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों करीब 30 मिनट तक चर्चा हुई। बता दें कि कुछ दिन इससे पहले अखिलेश यादव आजम खां से मिलने उनके घर गए थे। जेल से बाहर निकलने के बाद अखिलेश और आजम खां की दूसरी मुलाकात की। आजम खां ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दामन फैलाएंगे तो आंसुओं से भर जाएगा दामन हमारा। मेरी बातें कोई फिल्मी डायलॉग नहीं हैं।  

पढ़ें आजम खां के हूबहू बयान

सपा नेता आजम खां - फोटो : सोशल मीडिया

1. मुलाकात में क्या हुआ ये तो नहीं बताया जा सकता

आजम खां ने कहा, मुलाकात में क्या हुआ ये तो नहीं बताया जा सकता। बस इतना कहूंगा कि यह रिश्तों की मुलाकात थी। कोई नई मुलाकात नहीं। ये सिर्फ राजनीतिक रिश्ते नहीं हैं, बल्कि उस जमाने के हैं (अखिलेश यादव के पिता के जमाने के) जब हम सिर्फ विधायक थे और उस वक्त ये गुमान भी नहीं था कि हम कभी सरकार बना पाएंगे। आगे भी उम्मीद करते हैं कि हम सरकार बनाएंगे। बस फर्क इतना होगा कि हमें पता नहीं था कि सरकार का काम क्या-क्या होता है।

2. किसी को बर्बाद कर देना भी सरकार का काम?

आजम खां ने कहा, हम तो बस ये समझते थे कि वहां बैठे आखिरी व्यक्ति को देखें कि कहीं उसकी आंखें नम तो नहीं, अगर हैं तो उसके आंसू पोंछें। अगर वह बेसहारा है तो सरकार उसका सहारा बने, हमें नहीं पता था कि सरकार का काम किसी को बर्बाद कर देना। फना कर देना, खानदानों को नेस्तनाबूद कर देना भी है। इसका क्या अंजाम होगा? इस अंजाम से बचाने के लिए हम सब लोग मिलकर चाहते हैं कि कोशिश करें और हालात ऐसे हैं कि कोशिश बेकार नहीं जाएगी।

3. दामन फैलाएंगे तो आंसुओं से भर जाएगा 

आजम खां ने कहा, दामन फैलाएंगे तो आंसुओं से भर जाएगा। बहुत साथ मिलेगा। ये मैं आपको किसी फिल्म का डायलॉग नहीं सुना रहा हूं। किसी अफसाने का हिस्सा नहीं सुना रहा हूं। वो सच है जो आपके सामने खड़ा है। ऐसा हिंदुस्तान किसी को नहीं चाहिए होगा।  यहां आने की असल मंशा यह थी कि साबित कर सकें कि इतना जुर्म सहने के बावजूद अभी कुछ लोग धरती पर ऐसे जिंदा हैं और रहेंगे, जिनकी कुवत-ए-बर्दाश्त किसी पत्थर या पहाड़ से ज्यादा है। 
 

रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां - फोटो : सपा

4.  मेरे अंजाम से सीख लेनी चाहिए

आजम खां ने कहा, सभी को मुझसे सबक लेना चाहिए। तनखैया कहने पर सदस्यता जा सकती है। तीन वर्ष की सजा हो सकती है। मुर्गी चोरी कराने में मुझे 21 वर्ष की और 36 लाख का जुर्माना हो सकता है तो फिर दूसरे लोग माहौल क्यों खराब कर रहे हैं? नफरतों के बाग सजाने की क्या जरूरत है? इससे कमजोर मुसलमानों का बड़ा नुकसान होगा। हम पर तरस खाएं। अल्लाह के वास्ते हम पर रहम खाएं। हमें बर्बाद न करें।

5 . देश की दूसरी बड़ी आबादी के साथ इंसाफ करें

आजम खां ने कहा, टुकड़े हो जाएं। क्यों चाहते हैं हमारे घर में आग लग जाए। तो उनसे मेरी दरख्वास्त है, अल्लाह के वास्ते मेरी दरख्वास्त है कि एक चरण बचा है अभी बिहार का, तो अपने थोड़े से किसी इंटरेस्ट के लिए देश की दूसरी बड़ी आबादी के साथ इंसाफ करें।  जब राजनीतिक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक कुछ भी ठीक नहीं होगा।

6. सवाल मत पूछिये उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर है

आजम खां ने कहा, मैं भूमाफिया होता तो लखनऊ में मेरे पास भी कोठी होती। रामपुर में जहां रहता हूं बारिस में पानी भर जाता है। तंज करते हुए कहा कि सवाल मत पूछिये उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर है। उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी जंगलराज है। इसके चलते वे वहां चुनाव प्रचार करने नहीं गए। जानवरों से लड़ने और जिनके पास सक्षम हथियार हैं, वही लोग वहां गए। उनके पास कोई सुरक्षा नहीं है।

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इस मुलाकात में आजम खां के बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। - फोटो : सोशल मीडिया

अखिलेश और आजम खां एक-दूसरे के हाथ पकड़कर चले थे

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से कुछ दिन पहले मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने एक शेर के माध्यम से अपनी बात कही थी। उन्होंने लिखा था कि क्या कहें भला उस मुलाकात की दास्तान, जहां बस जज़्बातों ने खामोशी से बात की।

मुलाकात की जारी की गई तस्वीरों में से एक में अखिलेश यादव आजम को एक पेन गिफ्ट करते हुए नजर आ रहे थे। इस मुलाकात से प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ा हुआ था। रामपुर स्थित आजम खां के घर हुई इस मुलाकात में सपा का कोई अन्य नेता मौजूद नहीं था। 
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