पार्टी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि यूपी चुनाव की जिम्मेदारी पूरी तरह आकाश को सौंप देनी चाहिए। मायावती अब ज्यादा चुनावी दौरे नहीं करती हैं। आकाश और उनसे जुड़े युवाओं की टीम माहौल बना सकती है। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल तो सक्रिय रहते हैं लेकिन अन्य पदाधिकारी चुनावी तैयारियों को लेकर उदासीन हैं। अब मायावती को यूपी और उत्तराखंड को लेकर आकाश पर भरोसा करना होगा तभी पार्टी को कुछ सफलता मिल सकती है।
समीक्षा बैठक के दौरान बसपा कार्यालय के बाहर लगी एक होर्डिंग की खासी चर्चा रही। इस पर मायावती का संदेश लिखा था, जिस समाज का इतिहास नहीं होता है, वह समाज कभी शासक नहीं बन पाता है। इतिहास से प्रेरणा मिलती है, प्रेरणा से जागृति आती है, जागृति से सोच बनती है, सोच से ताकत बनती है, ताकत से शक्ति बनती है और शक्ति से शासक बनता है।