फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ये भी कवायद
धोखाधड़ी रोकने के लिए अब पंजीकरण के समय 100% भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। सत्यापन करने वाले अधिकारी को मौके पर जाकर संबंधित व्यक्ति के साथ सेल्फी लेनी पड़ती है और उसे सिस्टम पर अपलोड करना होता है, ताकि कोई फर्जी पते पर कंपनी न बना सके।
पोर्टल में सरकार ने अधिकारियों सुविधा दे रखी है कि कौन सी गाड़ी प्रांत बाहर से यूपी आ रही है और प्रांत से बाहर जा रही है। गाड़ी में क्या हैं। ये भी जानकारी मिल जाती है। इसीलिए वाहनों को डेटा बेस के आधार पर पकड़ा जा रहा है।
फिर भी हो रही टैक्स चोरी
तमाम कवायद के बावजूद धड़ल्ले से जीएसटी चोरी हो रही है। इस संबंध में विभाग के एसआईबी हेड ने बताया कि पहले फार्म-38 जारी होता था। प्रांत बाहर से यूपी में माल लाने के लिए फार्म 38 भरना पड़ता था। उसमें पूरी जानकारी दी जाती थी कि माल बाहर की किस फर्म को भेजा जा रहा है। इस पर एडवांस टैक्स जमा कराया जाता था।
अब इसी फार्म 38 ने ई वे बिल का रूप ले लिया है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण पूरी तरब आनलाइन हो गया है। बिना किसी सत्यापन के फर्म का पंजीकरण हो जाता है। पंजीकरण के एक महीने के बाद रिटर्न दाखिल किया जाता है।
जालसाज इसी महीने में हजारों फर्जी ई वे बिल काट देते हैं और करोड़ों की टैक्स चोरी कर गायब हो जाते हैं। बाद में जांच में फर्म किसी मजदूर के नाम पर निकलती है। उन्होंने कहा कि इस पर रोक के लिए इनवर्ड के बिना आउटवर्ड को रोक दिया जाए। यानी बिना खरीद के ही माल बेचने पर रोक लग जाए।