ऊर्जा मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप।
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कार्पोरेशन के बीच चल रहा शीतयुद्ध बृहस्पतिवार को सामने आ गया था। ऊर्जा मंत्री ने अपने ही विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल पर पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन पर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के तहत कुशल लोगों की छंटनी करने और अकुशल लोगों को भर्ती करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी ईंधन अधिभार लगाते वक्त भी उनसे नहीं पूछा गया। उन्होंने बिंदुवार घटनाक्रम लिखते हुए चेतावनी दी थी कि इसे शासन का निर्देश समझा जाए और दोबारा ऐसी हरकत न करें।
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अब उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर 6.50 प्रतिशत ब्याज मिलने लगा है। पावर कॉर्पोरेशन ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर दिए हैं और ब्याज राशि को बिजली बिलों में समायोजित किया जा रहा है। इसका लाभ लगभग 3.73 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ताओं की कुल जमा सिक्योरिटी राशि करीब 4,616 करोड़ रुपये है, जिस पर लगभग 300 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में दिए जाएंगे।
नियमों के अनुसार सिक्योरिटी राशि पर हर तीन माह में ब्याज देय होता है, लेकिन जून के बिलों में इसका समायोजन नहीं हुआ था। इस पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शुक्रवार को सॉफ्टवेयर अपडेट कर ब्याज समायोजन शुरू कर दिया गया। वर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिलों की जांच करें। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बिल जमा कर दिया है, उन्हें यह लाभ जुलाई के बिल में मिलेगा।