फर्रुखाबाद में टेक्सटाइल पार्क बनने का रास्ता साफ हो गया है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) ने इसके लिए जमीन खरीदने से लेकर उद्यमियों को आवंटन तक की प्रक्रिया तय करवा दी है। इस पार्क में टेक्सटाइल से संबंधित 50 इकाइयां स्थापित हो सकेंगी और करीब 3000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने फरवरी 2016 में फर्रुखाबाद टेक्सटाइल और अपैरल पार्क की स्थापना को मंजूरी दी थी। 35.11 एकड़ में बनने वाले इस पार्क पर 104.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 40 करोड़ की सहायता का एलान किया था। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए एक स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का भी गठन किया गया था, लेकिन पार्क विकास से जुड़ी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई। प्रक्रिया का निर्धारण न होने से जमीन की ही व्यवस्था नहीं हो पाई है।
औद्योगिक विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आईआईडीसी आलोक टंडन ने इस पार्क की अड़चन दूर करने के लिए हाल ही में उच्चस्तरीय बैठक की थी। इसी में कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। अब इस पार्क स्थापना से जुड़ी कार्यवाही आगे बढ़ सकेगी।
ये महत्वपूर्ण निर्णय हुए
- प्रस्तावित भूमि पर यूपीसीडा ने कोई विकास कार्य नहीं कराया है। ऐसे में ओवरहेड चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
- यूपीसीडा एसपीवी से चालू दरों पर ब्याज की वसूली करे।
- एसपीवी यूपीसीडा द्वारा आकलित राशि जल्द से जल्द जमा कर जमीन की रजिस्ट्री कराएगी।
- एसपीवी को जल्द से जल्द रजिस्ट्री/लीज करवाकर नियमानुसार स्थानीय सक्षम प्राधिकारी से लेआउट/ मैप पास कराया जाए।
- टेक्सटाइल पार्क विकसित होने पर उद्यमियों को प्लॉट की रजिस्ट्री एसपीवी करेगी क्योंकि यह क्षेत्र यूपीसीडा के अधिसूचित क्षेत्र से बाहर है।