ज्योतिषीय गणना के अनुसार मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए यह सावन विशेष शुभ फल देने वाला रहेगा। इन राशियों के लोगों को कॅरिअर में उन्नति, आर्थिक स्थिरता और नए अवसर मिलने के प्रबल योग हैं। वहीं अन्य सभी राशियों के जातकों के लिए भी सावन सोमवार का व्रत और भगवान शिव की आराधना शुभ फलदायी मानी गई है। मान्यता है कि इससे रुके हुए कार्यों में गति आती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
सावन में कब-कब हैं प्रमुख पर्व
सावन में चार सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत पड़ेंगे। पहला सोमवार तीन अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को है। 17 अगस्त को ही 23 वर्ष बाद सावन सोमवार पर नागपंचमी का दुर्लभ महासंयोग बनेगा। मंगला गौरी व्रत चार, 11, 18 और 25 अगस्त को रहेंगे। कामिका एकादशी आठ अगस्त, सावन की शिवरात्रि 11 अगस्त, हरियाली अमावस्या 12 अगस्त, हरियाली तीज 15 अगस्त, पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त तथा रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त को मनाई जाएगी।